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चंबल नदी में नाव डूबने से 14 लोगों की मौत, कोटा जिले के गोठड़ा गांव में कोहराम

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चम्बल नदी में नाव डूबने (14 people died by boat sinking) से करीब 14 लोगों की मौत हो गई। 10 शव पानी से निकाल जा चुके हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक नदी में डूबे (14 people died by boat sinking) लोगों को खोजने में जुटे हैं। आज सुबह कोटा जिले के खातौली क्षेत्र के गोठड़ा गांव में एक नाव चम्बल नदी में डूब (14 people died by boat sinking) गई। इस नाव में करीब 40 लोग सवार थे।

दोपहर एक बजे तक 10 लोगों की लाशें (14 people died by boat sinking) निकाली जा चुकी थी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने करीब 14 लोगों को लापता बताया है। उन सभी की डूबने (14 people died by boat sinking) की आशंका जताई जा रही है। इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। अभी बचाव कार्य जारी है।

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नाव में सवार लोगों में से किसी ने भी सुरक्षा जैकेट नहीं पहनी हुई थी। नाव में लोगों के अलावा ग्रामीणों की मोटरसाइकिलें भी रखी हुई थीं। नाव में क्षमता से ज्यादा वजन और नाव अनफिट होने के कारण नदी में डूबने (14 people died by boat sinking) की बात सामने आई है।

नाव डूबने (14 people died by boat sinking) की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अपने स्तर पर बचाव व राहत कार्य में जुटे रहे। जिला प्रशासन को सूचना के बाद आपदा राहत दल पहुंचा तब तक कई जानें जा चुकी थीं। इस दुर्घटना के बाद कोटा जिले के गोठड़ा गांव में कोहराम मचा हुआ है।

नाव को डूबता देखकर इसमें सवार लोग चम्बल नदी में कूद गए थे, इसके बाद नाव भी पानी में डूब गई है। जो लोग तैरना जानते थे, वह तैरकर नदी से बाहर आ गए हैं। अभी तक यह पता नहीं चला कि कितने लोग नदी में डूबे हुए हैं। मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर है। लोगों की तलाश युद्ध स्तर पर जारी है

इस दुखान्तिका मैं 30वर्षीय मन्साराम,27वर्षीय उमा बाई,37वर्षीय हेमराज,52वर्षीय प्रेमबाई गुर्जर के शव बरामद,ये चारों मृतक रहने वाले हैं कोटा जिले के बरनाहाली गांव के,फिलहाल कुल 8 शव हो चुके हैं बरामद,चम्बल नदी में अभी भी जारी हैं शवों की तलाश का काम जारी है।

सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए राजस्थान में लागू होगा तमिलनाडु मॉडल

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए तमिलनाडु का चर्चित मॉडल लागू होने वाला है. सीएम अशोक गहलोत के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है. राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गंभीर हैं. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और इससे हो रही जनहानि की क्षति को कम करने के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है.

इसके लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास भी किए जा रहे हैं. प्रदेश में सड़क दुर्घटना और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा बजट घोषणा 2020 और 21 के अंतर्गत तमिलनाडु राज्य की तर्ज पर राजस्थान सड़क सुरक्षा रोडमैप तैयार किए जाने की बात कही गई थी.

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परिवहन विभाग पिछले कुछ महीनों से इसकी तैयारी में लगा था, जिसे अब तैयार कर लिया गया है. वहीं तमिलनाडु राज्य की तर्ज पर राजस्थान सड़क सुरक्षा रोडमैप तैयार किया गया है. जिसके अंतर्गत प्रदेश के समस्त दोपहिया और चार पहिया वाहन शोरूमों में सड़क सुरक्षा कॉर्नर विकसित किए जाने हैं.

 

14 people died by boat sinking

 

इसको लेकर भी विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है. डीलर प्वाइंट पर सड़क सुरक्षा कॉर्नर विकसित किए जाएंगे. कॉर्नर में यातायात नियमों को जानकारी वाले पोस्टर बैनर फ्लेक्स स्टैंड प्रदर्शित किए जाएंगे. सड़क सुरक्षा कार्नर पर डिजिटल सिग्नेचर बॉल और सेल्फी जॉन भी विकसित किया जाएगा.

शोरूम में कार्यरत प्रतिनिधि आगंतुक का सड़क सुरक्षा कॉर्नर पर आगमन सुनिश्चित करेगा. प्रत्येक जिले से 3 सड़क सुरक्षा कांग्रेस का चुनाव कर परिवहन विभागप्रशस्ति पत्र देगा. परिवहन आयुक्त रवि जैन ने बताया कि इन सुझावों से सड़क हादसों में काफी कमी देखने को मिलेगी.

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इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है, कि जिन लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी नहीं है. उनको जानकारी मिल सकेगी और वह कुछ जानकारी के अनुमान से ही सड़क पर वाहन चलाएंगे. ऐसे में किसी नौसिखिया वाहन चालक को वाहन नहीं मिल सकेगा और उसके चलते सड़क हादसों में काफी कमी आएगी.

रवि जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की विचारधारा यही है, कि प्रदेश में सड़क हादसों में ज्यादा से ज्यादा कमी लाई जा सके, क्योंकि सड़क हादसों की वजह से काफी लोगों के परिवार को काफी कुछ सहना पड़ता है.