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जयपुर: बिना अनुमति बनाए 30 फ्लैट्स सील

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जयपुर: जेडीए की प्रवर्तन टीम नेपृथ्वीराज नगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मंजिला इमारत में बिना अनुमति के बन रहे 30 (30 flats sealed without permission)  फ्लैट्स को सील करने की कार्रवाई की।

जेडीए से मिली जानकारी के मुताबिक पृथ्वीराज नगर स्थित वृंदावन विहार में दो भूखंडों को जोड़कर अवैध रूप से चार मंजिल की इमारत (30 flats sealed without permission) बना ली। इसमें 30 फ्लैट का (30 flats sealed without permission) निर्माण किया जा रहा था। जेडीए से स्वीकृति लिए बिना ही यह निर्माण करवाया जा रहा था।

जीरो सैटबैक पर भूखण्डों का बिना पुनर्गठन करवाए अवैध तरीके से 30 फ्लेट्स का निर्माण (30 flats sealed without permission) करने पर कल जेडीए की टीम ने मौके पर पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया। जेडीए अधिकारियों की माने तो ग्राउण्ड फ्लोर के निर्माण के दौरान ही पिछले साल मार्च में नोटिस जारी कर कार्य रूकवाया था।

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इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा। इसके अलावा जेडीए ने यहां अलग-अलग दिन 8 बार निर्माण को रुकवाने की कार्रवाई की, बावजूद इसके निर्माण कार्य नहीं रूका। इसके चलते कल जेडीए ने बिल्डिंग (30 flats sealed without permission) को सील करते हुए इसके सभी प्रवेश करने के 5 मार्गो पर ईटो की दीवार बनवा दी।

यहां भी की कार्रवाई

जोन एक क्षेत्र में आईएफ एसएमएस विस्तार योजना बजाज नगर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने पर अतिक्रमणकर्ता को धारा 72 का नोटिस जारी किया।

खाली पड़ी सरकारी भूमि पर जेडीए सम्पत्ति के बोर्ड लगवाए गए।

जोन-12 क्षेत्र के निवारू रोड पर 5 बीघा निजी खातेदारी भूमि पर गोविन्द नगर-डी के नाम से अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया।

पीआरएन (उत्तर) के बजरंग विहार ‘ए’ ब्लॉक में 10 स्थानों, सिरसी रोड कमांडर्स कॉलोनी में 4 जगह सड़क पर बने अवैध चबूतरे, तारबंदी, लोहे की जालियां और सीढिय़ों को हटाया गया।

वहीं, जोन 4 के नंदपुरी कॉलोनी में सड़क सीमा पर करीब 30 स्थानों से अतिक्रमण को हटाया।

158 साल पुराने रेलवे स्कूल को बंद करने वाले आदेश पर यथास्थिति

हाईकोर्ट ने आबू रोड स्थित रेलवे के 158 साल पुराने सीनियर सैकंडरी स्कूल को बंद करने और स्कूली बच्चों को जबरन टीसी देने के आदेशों पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने मामले में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे से भी जवाब मांगा है। सीजे इन्द्रजीत महान्ति व जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश अरविन्द शर्मा की पीआईएल पर दिया।

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अधिवक्ता आरबी माथुर ने बताया कि रेलवे ने आबू रोड पर 1862 में स्कूल खोला था। इस दौरान 2009 में रेलवे ने 50 लाख रुपए से ज्यादा की राशि खर्च कर स्कूल का नवीनीकरण भी कराया। लेकिन नॉर्थ-वेस्टर्न रेलवे के प्रधान कार्यालय ने 30 जुलाई के आदेश से स्कूल को बंद करने का फैसला लिया।

 

(प्रतिकात्मक तसवीर)