Rajasthan Exclusive > राजस्थान > कोरोना में केंद्र का बेहतर प्रबंधन मगर विपरीत दलों की राज्य सरकारों के कारण हालात बिगड़े: बेनीवाल

कोरोना में केंद्र का बेहतर प्रबंधन मगर विपरीत दलों की राज्य सरकारों के कारण हालात बिगड़े: बेनीवाल

0
129

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (beniwal attack on rajasthan government) ने रविवार को लोकसभा में केंद्र द्वारा कोरोना के प्रबंधन को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को समान रूप से सहायता तथा प्रबंधन के अन्य साधन उपलब्ध कराएं मगर जहां -जहां केंद्र के विपरीत दलों की सरकार राज्यों में थी वहां उन्होंने तुष्टीकरण की नीति अपनाकर कोरोना की भयावह हालत(beniwal attack on rajasthan government)  होने के लिए राज्यों को अपने हाल पर छोड़ दिया। बेनीवाल लोकसभा में नियम 193 के तहत कोरोना को लेकर हुई विशेष चर्चा में भाग ले रहे थे।

यह भी पढे: जनता के जीवन को संकट में डाल रही है राजस्थान सरकार: शर्मा

बेनीवाल (beniwal attack on rajasthan government) ने कोरोना वायरस से हुई मौतों तथा कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों के आंकड़ों में भिन्नता को लेकर राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सदन में कहा कि 3 दिवस पूर्व जो आंकड़े आए उसने स्थानीय प्रशासन व राजस्थान सरकार के आकंड़ों में भारी गड़बड़ी सामने आई जो स्थानीय सरकार की विफलता का बड़ा उदाहरण है, उन्होंने कहा (beniwal attack on rajasthan government) कि राजस्थान में जहां 1704 मौतें हुई वही सरकार ने 1293 मौत ही बताकर 411 मौतों को छुपाया गया। इसी तरह संसदीय क्षेत्र नागौर के संदर्भ में बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय आकंड़ों में 4058 कोरोना मरीज़ सामने आए, जबकि राज्य सरकार ने 3017 मरीज ही बताए।

उन्होंने कहा कि (beniwal attack on rajasthan government)  प्रदेश जब कोरोना की भीषण महामारी से जूझ रहा था तब राजस्थान की सरकार जैसलमेर में एक बजरी माफिया के होटल में आराम कर रही थी जो कांग्रेस सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया था।

जनता के जीवन को संकट में डाल रही है राजस्थान सरकार: शर्मा ent

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता व विधायक रामलाल शर्मा  ने कहा कि राजस्थान सरकार कोरोना को नियंत्रण करने के लिए कठोर कदम नहीं उठाकर जनता के जीवन को संकट में डाल रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने कड़ाई करने में देर कर दी। सरकार अब कोरोना की स्थिति बिगड़ने के बाद कठोर कदम उठाने के लिए अग्रसर हो रही है और कोरोना संक्रमण फैलने के बाद 11 जिलों में धारा 144 लगाई गई है। ये बहुत पहले ही कर देना चाहिए था।

शर्मा ने कहा  कि भाजपा पहले से कहती आ रही है कि कोरोना की इस लड़ाई में सरकार को जो भी कदम उठाने हैं, उठाने चाहिए। लेकिन सरकार बेपरवाह होकर आपसी लड़ाई में व्यस्त है और जनता के जीवन को संकट में डालने का काम कर रही है।

यह भी पढे: ‘‘मास्क नहीं तो सब्जी नहीं’’, ग्राहक और विक्रेता टोकें, एक-दूसरे को गलती से रोकें

शर्मा ने कहा कि  आज राजस्थान प्रदेश में जिस तरीके के हालात बन चुके हैं, निजी चिकित्सालय के लोग भी राजस्थान सरकार की एडवाइजरी मानने को तैयार नहीं है और निजी अस्पतालों में कोरोना के नाम पर लूट की जा रही है। निजी अस्पताल 90 हजार प्रतिदिन के हिसाब से कोरोना मरीजों से वसूल रहे हैं।

शर्मा ने कहा कि सरकार को कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए निशुल्क इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए। शर्मा ने मांग की कि सरकार को इस मामले में सभी आवश्यक कदम उठाए। भाजपा उसके साथ है। यह बात हम विधानसभा के पटल पर भी कह चुके हैं।

राजस्थान के 11 शहरों में धारा 144 लागू

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कल दर रात एक बड़ा फ़ैसला लेते हुए 11 शहरों में धारा 144 लगा दी है। अब इन शहरों में सार्वजानिक स्थानों पर 5 से अधिक लोग इकट्ठे नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा 31 अक्टूबर तक किसी भी तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है। जिन शहरों में धारा144 लागू की गई है वे हैं जयपुर,जोधपुर, कोटा, उदयपुर, नागौर, सीकर, अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर और पाली।