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रोजगार संदेश का बदलेगा कलेवर, जल्द ही​ डिजीटल प्लेटफॉर्म पर होगा उपलब्ध

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  • सभी अधिकारियों से कोरोना काल को लेकर सुझाव मांगे

  • रोजगार संदेश को भविष्य में ई-पत्रिका-डिजीटल माध्यम पर लॉन्च करने का सुझाव रखा

  • रोजगार संदेश के मूल्य को बढ़ाने के भी निर्देश दिए

जयपुर: रोजगार संदेश पाक्षिक बदलते परिवेश में नए कलेवर के साथ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा उपलब्ध एवं इसे और अधिक,उपयोगी,प्रभावशाली किया जाएगा।

कौशल नियोजन,उद्यमिता एवं रोजगार विभाग शासन सचिव डॉ. नीरज के पवन की अध्यक्षता में मंगलवार को राजस्थाान रोजगार संदेश पाक्षिक के नए कलेवर को लेकर झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम ​के कॉफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

शासन सचिव डॉ. पवन ने बताया कि,

“बदलते परिवेश में रोजगार संदेश पाक्षिक न्यूज़ लेटर को और अधिक उपयोगी व सरल बनाया जाएगा ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसरों की जानकारी समय पर मिल सके उन्होंने बताया कि रोजगार संदेश में सरकारी नौकरियों के विज्ञापनों की सूचनाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र की नामचीन कंपनियों के भर्तियों की सूचना उपलब्ध करवाई जाएगी।”

शासन सचिव डॉ. पवन ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से कोरोना काल में रोजगार संदेश की महत्वता एवं रोजगार संदेश के कलेवर को बदलने के सुझाव मांगे गए।

बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।

इनमें रोजगार संदेश को भविष्य में ई-पत्रिका एवं डिजीटल माध्यम पर लॉन्च करने का सुझाव रखा गया।

साथ ही रोजगार संदेश में सरकारी रोजगार विज्ञापन के साथ ही निजी कंपनियों से जुड़ी नौकरियों के विज्ञापनों को भी जगह देने का सुझाव रखा गया।

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शासन सचिव नीरज के पवन ने रोजगार संदेश का मोबाइल एप्प एवं डिजीटल संस्करण जल्द से जल्द लॉन्च करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने राज कौशल पोर्टल के जरिए भी रोजगार संदेश को प्रचारित करने का सुझाव दिए।

साथ ही उन्होंने कौशल से जुड़ी सरकारी एवं निजी संस्थाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने का सुझाव भी दिया।

उन्होंने भविष्य में रोजगार संदेश के मूल्य को बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

रोजगार संदेश के कलेवर को बेहतर बनाने के लिए निजी संस्थाओं विशेषज्ञों की सेवाएं भी लि जाएगी एवं जल्द ही इसे नए तरीके से लॉन्च किया जाएगा।

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बैठक में राजस्थान कौशल आजीविका मिशन के प्रबंध निदेशक विष्णु चरण मल्लिक एवं रोजगार ​सेवा निदेशालय के अधिकारियों के साथ ही आईटीआई, आरएसएलडीसी, श्रम विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, फैक्ट्री एवं बॉयलरर्स विभाग, उद्योग विभाग एवं कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत निजी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।