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विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक चिकित्सा केंद्र, रोजाना 51 हजार कोरोना की हुई क्षमता

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  • 2,000 डॉक्टरों की भर्ती परीक्षा दोबारा होगी

  • अमेरिका से दो कोरोना जांच की कोबास मशीन में से एक इसी माह आएगी

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहां है कि,

“प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए अब राजस्थान सरकार हर विधानसभा के अंदर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलेगी और उसे चिकित्सा की हर संभव सेवाओं के साथ शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में अब रोजाना 51 हजार से ज्यादा कोरोना जांच की क्षमता विकसित हो गई है।

वर्तमान में तकरीबन 34000 रोजाना जाते हो रही है।

28 अगस्त को अमेरिका से खरीदी जा रही 2 कोबास 8800 मशीनें अब जल्द ही राजस्थान को मिलने जा रही है।”

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इनमें से एक मशीन 28 अगस्त को राजस्थान पहुंच जाएगी।

वहीं दूसरी मशीन अक्टूबर में आएगी दोनों मशीनों की खरीद 13 करोड रुपए में की गई है।

मशीनों के आने के बाद राजस्थान में रोजाना 60000 से ज्यादा कोरोना की जांच की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में फिलहाल कुल जांचों में से 3. 4 प्रतिशत लोग ही कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं ,जो कि पूरे भारत में सबसे कम है।

हालांकि रोजाना मरीज तकरीबन 1300 के आसपास आ रहे हैं लेकिन घबराने की बात नहीं है।

क्योंकि प्रदेश की रिकवरी रेट 80 फीसदी के आसपास है। वही मृत्यु दर भी काफी कम हो गई है। यह एक प्रतिशत के आसपास है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में 2000 डॉक्टरों की हाल ही में भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी ।

जिसमें कुछ खामियां व्याप्त में गई।

इसकी वजह से सरकार अब दोबारा से डॉक्टरों की भर्ती परीक्षा आयोजित करेगी ।

यह भर्ती परीक्षा एक से डेढ़ माह में पूरी कर ली जाएगी।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 888 करोड़ की लागत से भरतपुर ,भीलवाड़ा के नए मेडिकल कॉलेज और कोटा, उदयपुर ,बीकानेर में सुपर स्पेशलिटी जॉन की शुरुआत की है ।

राजस्थान सरकार का टारगेट है कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज हो ।

इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि राजस्थान के शेष 3 जिले राजसमंद जालौर और प्रतापगढ़, जहां पर की मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित नहीं है।

वहां भी मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति दी जाए।