Rajasthan Exclusive > राजस्थान > केंद्र के कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस ने किसान-मजदूर बचाओ दिवस मनाया

केंद्र के कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस ने किसान-मजदूर बचाओ दिवस मनाया

0
96

कांगेस ने गांधी जयंती पर केंद्र सरकार की कृषि नीतियों और कृषि कानून के विरोध में आज किसानों और मंडी कारोबारियों को बीच प्रदेश भर में किसान-खेत-मजदूर बचाओ दिवस मनाया। इस अवसर पर शनिवार को शहर कांग्रेस की ओर से मुहाना फल सब्जी मंडी में सुबह 11.30 बजे लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक धरना आयोजित हुआ। धरने में पीसीसी प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, बगरू विधायक गंगादेवी शामिल हुई। धरने में तीनों बिलों के विरोध में 2 करोड़ किसानों के हस्ताक्षर करवा कर राष्ट्रपति को भेजने का संकल्प लिया गया।

पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि एमएसपी नहीं मिलेगा तो किसान कहां जाएगा। देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान है, वो फसल मंडी या सरकार को बेच कर खुश है, केंद्र सरकार बड़े लोगों के हाथ में यह व्यवस्था देना चाहती है।

यह भी पढो: कल पेश होगा सरकार के पौने दो साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड

स्टॉक लिमिट खत्म होने पर कालाबाज़ारी बढ़ेगी इसका लाभ बड़े कारोबारियों को मिलेगा। किसान का उत्पाद दोगुने लाभ तक बेचने पर कोई नियंत्रण नहीं रखा गया है, ऐेसे में बड़ी कंपनियों के हाथों किसान कठपुतली बन जाएगा। पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि आज इस अन्याय के विरोध में गांधी जयंती के अवसर पर हमने किसानों के बीच जाने का निर्णय लिया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा ने किसानों की पीठ में भाजपा ने खंजर घोपा है। उन्होंने किसान बिल वापिस लेने के लिए सबका समर्थन मांगा।

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच में यह काला कानून आया है। इसके विरोध में केंद्र के एक मंन्त्री ने भी इस्तीफा दिया हैं। केंद्र का यह कानून सभी वर्गों को प्रभावित कर रहा हैं, व्यापारी और किसान के संबंधों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।