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राजस्थान की भर्तियों में बाहरी राज्यों का कोटा निर्धारण की मांग

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प्रदेश में एक बार फिर से बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा निर्धारित करने की मांग उठने लगी है, मध्यप्रदेश में बेरोजगारों को बड़ी राहत देते हुए राज्य की नौकरियों में स्थानीय बेरोजगारों का आरक्षण निर्धारित करने का फैसला लिया है, जिसके बाद अब राजस्थान में भी यह मांग उठने लगी है, पिछले 2 सालों से भर्तियों में बाहरी राज्यों का कोटा निर्धारित करने की मांग लगातार उठ रही है, लेकिन उसके बाद भी राजस्थान सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है.

राजस्थान में लम्बे समय से बेरोजगारों की एक मांग मुखर होती नजर आ रही है और वो है बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का राजस्थान की भर्तियों में कोटा निर्धारित करना. इसी मांग को लेकर समय समय पर बेरोजगार संगठन अपनी बात मुखर कर चुके हैं. चाहे पिछली भाजपा की सरकार हो या फिर वर्तमान कांग्रेस की सरकार, हर सरकार में बेरोजगार संगठन कोटा निर्धारित करने मांग उठाते रहते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य के अभ्यर्थियों को नौकरियों में आरक्षण के बयान के बाद अब एक बार फिर से प्रदेश में इस मांग ने जोर पकड़ लिया है.

राजस्थान की किसी भी भर्ती में आज तक बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा निर्धारित नहीं किया गया है. इसी वजह से राजस्थान के बेरोजगारों को भर्तियों में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है. अगर करीब 22 राज्यों की बात की जाए तो आंकड़ों के अनुसार इन राज्यों में बाहरी राज्यों का कोटा या तो निर्धारित कर रखा है या फिर प्रदेश के रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य कर रखा है, जिसके चलते राजस्थान के अभ्यर्थी कई राज्यों की भर्तियों में आवेदन करने से वंचित रह जाते हैं.

देश के कई राज्यों ने अपने स्थानीय निवासी बेरोजगारों को राहत देते हुए बाहरी राज्यों का कोटा बहुत कम अनुपात तक निर्धारित कर रखा है तो वहीं स्थानीय रोजगार कार्यालय से पंजीयन भी अनिवार्य कर रखा है. जबकि राजस्थान में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है,,जिसके चलते हर भर्ती में बाहरी राज्यों के सैंकड़ों अभ्यर्थी आवेदन करते हैं. राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि “बाहरी राज्यों का कोटा निर्धारित करने की मांग लम्बे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इस मांग को लेकर कोई कदम सरकार की ओर से नहीं उठाए गए हैं. अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पूरा डाटा अधिकारियों से टेली करने के लिए कहा था ,लेकिन करीब 10 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक कुछ नहीं हुआ है. जबकि अन्य राज्यों ने बाहरी राज्यों के कोटा निर्धारण को लेकर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. जहां एक साल पहले तक महज कुछ राज्यों ने ही ये कोटा निर्धारित कर रखा था तो वहीं अब इनकी राज्यों की संख्या 20 को पार कर चुकी है”

इन राज्यों में बाहरी राज्यों के लिए ये शर्त कर दी गई अनिवार्य

  • बिहार- बिहार तकनीकी सेवा आयोग,स्टाफ नर्स ग्रेड ए,बिहार परिचालिका निबंधन परिषद,पटना रजिस्टर्ड रहना अनिवार्य
  • झारखण्ड- झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग( क्लोज कैडर) प्रतियोगिता परीक्षा 2018 स्थानीय निवासी ही आवेदन के पात्र
  • मणिपुर- नागालैंड पब्लिक सर्विस कमीशन,मेडिकल ऑफिसर,वेटनरी ऑफिस सहित 24 भर्ती,80 फीसदी सीटें आरक्षित
  • मिजोरम- मिजोरम पब्लिक सर्विस कमीशन,जूनियर ग्रेड ऑफ एमएएच,10वीं कक्षा में मिजो भाषा
  • असम- असम पब्लिक सर्विस कमीशन,असिस्टेंट इंजीनियर, बीएससी असम सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से
  • गोवा- गोवा पब्लिक सर्विस कमीशन,उच्च शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य, कोंकणी व मराठी का जानकार
  • पश्चिम बंगाल- पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती बोर्ड,सब इंस्पेक्टर,बंगाली बोलना-पढना व लिखना अनिवार्य
  • हिमाचल प्रदेश- हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन,विभिन्न विभागों व बोर्ड में, हिमाचल प्रदेश के रीति रिवाज और बोली की जानकारी को अतिरिक्त छूट
  • पंजाब- पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन,एलडीसी,10वीं में पंजाब भाषा
  • तमिलनाडू- तमिलनाडू पब्लिक सर्विस कमीशन,विभिन्न भर्तियां,तमिलनाडू सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से यूजी और कुछ में स्थानीय भाषा की अनिवार्यता
  • कर्नाटक- कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड, जेईएन,एईएन,10वीं में कन्नड़ भाषा अनिवार्य
  • महाराष्ट्र- महाराष्ट्र स्टाफ विद्युत वितरम,इंजीनियर,मूल निवास प्रमाण पत्र
  • आंध्रप्रदेश- ग्रामीण विकास एवं पंजायती राज विभाग,इंजीनियर असिस्टेंट,आंध्रप्रदेश का निवासी
  • हरियाणा- हरियाणा स्टाफ चयन बोर्ड,पीजीटी (ग्रुप-बी),10 फीसदी सोशल इकॉनोमी के अतिरिक्त
  • मध्यप्रदेश- कार्यालय मुख्य अभियंता,उमरिया-इंजीनिय,मध्यप्रदेश तकनीकी शिक्षण संस्थान से मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री
  • उत्तराखण्ड- उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग,राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री
  • केरल- कनिष्ठ डिवीजन क्लर्क,स्थानीय भाषा की जानकारी,
  • ओडिशा- ओडिशा स्टाफ चयन बोर्ड,जूनियर इंजीनियर, उडिसा भाषा पढ़ना-लिखना-बालोना,10वीं कक्षा में उडिया भाषा विषय के रूप में रही हो

राजस्थान के कई बेरोजगार संगठनों इस मांग को लेकर आवाज उठा चुके हैं. जब भी किसी भर्ती को लेकर राजस्थान में आंदोलन किया जाता है तो बाहरी राज्यों का कोटा निर्धारण की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाती है. राजस्थान के बेरोजगारों का कहना है कि “राजस्थान की हर भर्ती में करीब 50 फीसदी से ज्यादा सीटों पर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थी बाजी मार जाते हैं, तो वहीं वर्ष 2018 में विद्युत विभाग में हुई भर्ती में करीब 70 फीसदी से ज्यादा सीटों पर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है. ऐसे में राजस्थान सरकार को चाहिए की प्रदेश के बेरोजगारों के हित में फैसला लेते हुए भर्तियों में बाहरी राज्यों का कोटा निर्धारित किया जाए.”

बहरहाल, बाहरी राज्यों के कोटा निर्धारण की मांग लम्बे समय से उठ रही है, लेकिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य की नौकरियों में डोमिसाइल वालों को आरक्षण देने के बयान के बाद अब राजस्थान में ये मांग प्रमुखता से उठती हुई नजर आ रही.