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विभिन्न भर्तियों को लेकर डोटासरा को दिया ज्ञापन

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जयपुर: युवा हल्ला बोल के प्रदेशाध्यक्ष ईरा बोस ने सोमवार को शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा से मिलकर विभिन्न भर्तियों के संबंध में अपनी मांग रखी। इस दौरान ईरा बोस ने एलडीसी भर्ती 2018 में 587 पदों को वापस जोडऩे, कनिष्ठ सहायक, राजस्थान पुलिस, पटवारी आदि की ग्रेड पे बढ़ोतरी, पंचायती राज एलडीसी भर्ती 2013, राजस्थान की भर्तियों में यूपीएससी की तर्ज पर वार्षिक कैलेंडर जारी करवाने, राजस्थान बेरोजगारी भत्ते में आ रही विभिन्न समस्याओं, भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने सहित भर्तियों को लेकर अनपनी मांगे डोटासरा के समक्ष रखी। इस पर डोटासरा ने सभी मांगों पर सराकारात्म जबाव देते हुए सभी का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया।

वेतन नहीं मिलने से है परेशान निजी शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी (Education Minister Dotasara News)

निजी शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों ने वेतन और रोजगार दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिया। निजी शिक्षक बचाओ संघर्ष समिति राजस्थान के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न भागों से आए हुए शिक्षकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर 10 दिन में सुनवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

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संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक भरत सिंह लुनिवाल का कहना था कि निजी शिक्षकों को लॉकडाउन के दौरान पिछले 6 महीने का वेतन नहीं मिला है और उनके हालात भुखमरी की कगार पर पहुंच गए ।

उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के चलते प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाएं 14 मार्च से बंद हैं, जिसके चलते शिक्षकों को भी घर पर ही रहना पड़ा। इस दौरान उन्हें वेतन नहीं दिया गया जिसके कारण के उनके आर्थिक हालत बहुत खराब हो गए, बहुत से शिक्षक घर चलाने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर हैं और अब तो उनके हालात और भी खराब होते जा रहे हैं।(Education Minister Dotasara News)

ऐसे में शिक्षा मंत्री निजी शिक्षकों का अटका हुआ वेतन जल्द दिलवाने की कार्यवाही करें, जिससे उन्हें राहत मिल सके।(Education Minister Dotasara News)

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इस दौरान उन्होंने कहा कि सोमवार को जब वे शिक्षा मंत्री से मिलने गए थे लेकिन शिक्षा मंत्री ने उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया। शिक्षा संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष करतार सिंह चौधरी ने कहा कि शिक्षा मंत्री का कहना था कि हम हर शिक्षक से यह लिखवा कर लाएं कि उनको वेतन नहीं मिला है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश है।(Education Minister Dotasara News)

उनका यह भी कहना था कि निजी शिक्षक वहीं बेरोजगार शिक्षक हैं जो प्रशिक्षण लेकर भी रोजगार प्राप्त नहीं कर सके। आज उनके हालात बेहद खराब है। यदि समय रहते उन पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह गुलामों की तरह जीवन जीने पर मजबूर होंगे।(Education Minister Dotasara News)

बिना लक्षण के मरीज हैं सबसे बड़ी चुनौती 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन मरीजों में लक्षण नजर आते हैं, उन्हें चिन्हित करने में तो विभाग को कोई परेशानी नहीं है, लेकिन बिना लक्षण के मरीज आज सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। उन्हें पहचानने के लिए केवल जांच ही एकमात्र विकल्प है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना के दौर में अन्य राज्यों की तुलना में बेहतरीन काम किया है। इस दौरान न केवल सरकार ने चिकित्सकीय आधारभूत ढांचे को मजबूत किया है, बल्कि हमारी चिकित्सकीय व्यवस्थाएं भी मजबूत हुई हैं।

कोरोना की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना को लेकर राज्य सरकार पूरी मुस्तैद और सतर्क है, लेकिन इस महामारी से लडऩे के लिए आमजन की सावधानी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरकर और बचाव के तरीके अपनाकर ही कोरोना को हराया जा सकता है।