Rajasthan Exclusive > राजस्थान > गणेश चतुर्थी कल, घर-घर पूजे जाएंगे गणपति

गणेश चतुर्थी कल, घर-घर पूजे जाएंगे गणपति

0
163

सिंजारे पर स्वर्ण मुकुट में सोहे मोती डूंगरी के गणेशजी

कोरोना के कारण मंदिर में भक्तों का प्रवेश नहीं

शनिवार को गणेश चतुर्थी पर भगवान को सोने के वर्क चोला चढ़ाया जाएगा

जयपुर: प्रथम पूज्य गौरी पुत्र गणेश जी का जन्म पर्व गणेश चतुर्थी कल यानी शनिवार को मनाई जाएगी।

इस दिन घर-घर और मंदिर-मंदिर में गणपति की मोदक, गुड़धाणी, दुर्वा, डंके अर्पित कर पूजा-अर्चना होगी।

यह पहला अवसर है जब गणेश चतुर्थी पर भक्तों का प्रवेश नहीं होगा।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में मनाए जा रहे गणेश जन्मोत्सव में शुक्रवार को मेहंदी पूजन व सिंजारा मनाया गया।

इस दौरान भगवान को चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर स्वर्ण मण्डित मुकुट धारण कराया गया।

कोरोना के कारण मंदिर में भक्तों का प्रवेश नहीं होने से मेहंदी का वितरण नहीं किया गया।

भक्तों ने मंदिर के बाहर सड़क पर खडे होकर ही धोक लगाई।

सिंजारे पर महंत परिवार द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया पारंपरिक शृंगार गणेशजी को धारण कराया गया।

इसमें नौलड़ी के नौलखा हार में हीरा, पन्ना, मोती, माणक के भाव दर्शाए गए। शनिवार को गणेश चतुर्थी पर पहली बार मंदिर के पट बंद रहेंगे।

लक्खी मेला भी नहीं भरेगा और न ही शोभायात्रा निकाली जाएगी।

परकोटे वाले गणेशजी के चढ़ेगा सोने के वर्क का चोला

चांदपोल बाजार संजय सर्किल स्थित परकोटे वाले गणेश मंदिर में शनिवार को गणेश चतुर्थी पर भगवान को सोने के वर्क चोला चढ़ाया जाएगा।

वहीं नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी।

इसके बाद मोदकों का भोग अर्पित किया जाएगा।

मंदिर प्रवक्ता पं. अमित शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को सिंजारे पर मोदक व फूल बंगले की झांकी सजाई गई।

यहां भी आयोजन

रामगढ़ मोड़ बंगाली बाबा आश्रम स्थित गणेश मंदिर में सिंजारे पर गणपति का दुग्धाभिषेक किया गया।

इसी तरह कनक घाटी स्थित ठिकाना गोविंददेवी के गणेश मंदिर में भी सिंजारा मनाया गया।

नहर के गणेश मंदिर में मोदकों की झांकी सजाई गई।

गढ़ गणेश मंदिर में भी सुबह से दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे।

सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में भी सिंजारे पर मोदकों की झांकी सजाई गई।

कोरोना के कारण घरों में ही मनी रोट तीज, नहीं की मंदिरों में पूजा

जयपुर। दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों का रोटतीज पर्व शुक्रवार को भक्ति भाव से मनाया गया।

जैन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बन्द होने के कारण घरों में ही तीन चौबीसी पूजा विधान हुई।

अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद् के महामंत्री विनोद जैन श्कोटखावदा ने बताया कि घरों में रोट बनाए गए किन्तु धर्मस्थलों के बन्द होने के कारण मंदिर दर्शन नहीं किए।

इस बार रोटतीज पर होने वाला तीन चौबीसी पूजा विधान घरों में ही किया मनाया गया।

अक्षय निधि की प्राप्ति के लिए 3 वर्ष तक रोट तीज का व्रत किया जाता है।

मध्याह्नव्यापिनी बेला में गणेश पूजन-

  • दोपहर 11.16 बजे से 1.51 बजे तक
  • चौघड़िया शुभ वेला में भूमि भवन गृह प्रवेश- प्रात: 07. 41 से 9.17 बजे तक
  • चर वेला में वाहन खरीदने हेतु-
  • दोपहर 12 . 30 से 02 . 06 बजे तक
  • लाभ एवं अमृत वेला में दुकान कारखाना आॅफि स हेतु-
  • मध्यान्ह 2.06 से सायं 5.18 बजे तक