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किसानों को लेकर गहलोत सरकार का बड़ा फैसला

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जयपुर: राजस्थान के लाखों किसानों के लिए अच्छी खबर है।

फसली ऋण से जुड़े करीब 3.5 लाख डिफॉल्टर किसानों को भी अब फसली ऋण मिल सकेगा।

राज्य सरकार ने इन किसानों को भी शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण देने का फैसला किया ह।

ये किसान फसली ऋण देरी से चुकाने के चलते डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गए थे।

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के मुताबिक,अब ऐसे किसान कर्ज की राशि और ब्याज चुका कर फिर से ऋण लेने के पात्र हो जाएंगे।

ऐसे किसान मूल राशि के बराबर फसली ऋण फिर से ले सकेंगे।

किसान संगठन इन किसानों को फसली ऋण दिए जाने की मांग लगातार उठा रहे थे।

राज्य सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

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प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए किसानों को फसली ऋण देने की प्रक्रिया अभी जारी है।

16 अप्रैल से शुरू हुई अल्पकालीन फसली ऋण देने की यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी।

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के मुताबिक खरीफ सीजन में अब तक 23 लाख 79 हजार किसानों को ऋण दिया जा चुका है।

इन किसानों को अब तक 7,321 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।

राज्य सरकार ने खरीफ सीजन के तहत 10 हजार करोड़ का ऋण वितरण करने का लक्ष्य रखा है।

रबी सीजन में 6 हजार करोड़ राशि का ऋण किसानों को वितरित किया जाएगा।

इस बार करीब 3 लाख नए किसानों को भी फसली ऋण दिया जा रहा है।

सरकार वहन करती है ब्याज

किसानों को सहकारी बैंकों के जरिए अल्पकालीन फसली ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करवाया जाता है।

इस ऋण पर लगने वाला 7 प्रतिशत ब्याज राज्य सरकार और केन्द्र सरकार मिलकर वहन करते हैं.

जो किसान समय पर अपने ऋण नहीं चुकाते हैं, उन्हें डिफॉल्टर की सूची में डाल दिया जाता है और बैंक उन्हें भविष्य में ऋण नहीं देते।

पिछले सालों में दो बार किसानों की कर्जमाफी हुई है और डिफॉल्टर किसानों का ऋण भी इसमें माफ किया जा चुका है।