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CM ने प्रदेश को 828 करोड़ रुपए की मेडिकल परियोजनाओं का तोहफा दिया

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  • कार्यक्रम में मुख्यमंत्री गहलोत के अलावा चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, सुभाष गर्ग, बीडी कल्ला भी मौजूद रहे

  • प्रदेश के पांच जिलों को 828 करोड़ की चिकित्सा सुविधाओं की सौगात दी

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ की

CM ने प्रदेश के चिकित्सा तंत्र को मजबूत करते हुए बुधवार को 828 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की सौगातें दी.

CM गहलोत ने भीलवाड़ा एवं भरतपुर मेडिकल कॉलेज भवन तथा बीकानेर, उदयपुर एवं कोटा के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का लोकार्पण किया.

इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ की.

निरोगी राजस्थान के सपने को साकार करने के लक्ष्य के साथ प्रदेश के चिकित्सा तंत्र मजबूत करने में

जुटे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को प्रदेश के पांच जिलों को 828 करोड़ की चिकित्सा सुविधाओं की सौगात दी.

मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम से हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, सुभाष गर्ग, बीडी कल्ला भी मौजूद थे.

वहीं दिल्ली से केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व अश्विन चौबे भी वीसी के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े थे.

प्रत्येक मेडिकल कॉलेज पर 189 करोड़ खर्च हुए है जबकि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पर 150-150 करोड़ खर्च हुए.

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इस मौके पर हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तीसरे चरण में देश के पिछड़े जिलों में ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया था.

राजस्थान सरकार ने इस दिशा में तत्परता दिखाते हुए जल्द प्रस्ताव भेजे, जिसके चलते राजस्थान को सबसे ज्यादा 15 मेडिकल कॉलेज मिल सके.

उन्होंने कोरोना की लड़ाई में राजस्थान सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केन्द्र के प्रयासों के साथ ही राजस्थान पूरी मुस्तैदी के साथ यह लड़ाई लड़ रहा है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मौके पर कहा कि राजस्थान ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है.

निशुल्क जांच एवं दवा योजना तथा निरोगी राजस्थान अभियान जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों के बाद

कोरोना महामारी से सफलता पूर्वक मुकाबले के लिए प्रदेश में गांव-ढाणी तक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है.

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,

“प्रदेश में नव-स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी निर्धारित समयावधि में पूरा हो. उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.

हर्षवर्धन से आग्रह किया कि वे जालौर तथा प्रतापगढ़ में विषम परिस्थितियों को देखते हुए.

राजसमन्द में निजी मेडिकल कॉलेज के नियम में शिथिलता प्रदान कर सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति दें.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि,

“नॉन कोविद मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में मोबाइल ओ पी डी वन उपलब्ध कराई गई.

सिलकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को राहत दिलाने के लिए नई पॉलिसी लाई गई है.

उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि वे इस घातक बीमारी के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्ययोजना बनाएं.”

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कार्यक्रम में शामिल चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि,

“राजस्थान में कोरोना को लेकर बेहतरीन मेनेजमेंट किया गया.

जुलाई एवं अगस्त माह में यहां मृत्युदर एक प्रतिशत से भी कम रही है. साथ ही रिकवरी रेट भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर है.”

चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि,

“राजस्थान की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का संचालन पूर्व की भांति 75 अनुपात 25 के आधार पर ही किया जाए.”

वीसी की शुरूआत में चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने प्रदेश में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी.

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला, गृह रक्षा राज्यमंत्री भजनलाल जाटव, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप,

अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिवांगी स्वर्णकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सहित संबंधित सांसद,

विधायक एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम से जुड़े.