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नहीं बरती सावधानी तो इस मैनेजर के बाद आप हो सकते हैं अगला शिकार

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साइबर शातिरों ने जूता फैक्ट्री मैनेजर की आइडी हैक करके उनके खाते से एक लाख 46 हजार रुपये निकाल लिए।खाते से रकम निकलने का मैसेज देख मैनेजर को धोखाधड़ी का अहसास हुआ।

हरीपर्वत के घटिया आजम खां निवासी सिरिल पीटर एक जूता फैक्ट्री में पर्चेज मैनेजर हैं। उनका संजय प्लेस स्थित एक बैंक में खाता है। उन्होंने बैंक से डेढ़ लाख् रुपये लोन लिया था।रकम कुछ दिन पहले ही उनके खाते में आयी थी।सिरिल ने बताया 12 जुलाई की शाम को उनके मोबाइल पर पहले 15 रुपये कटने और इसके बाद 1500 और 500 रुपये ईएमआइ बाउंस कटने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने गूगल से बैंक कस्टमर का नंबर सर्च करके उस पर फोन किया। इसके कुछ घंटे बाद रात साढ़े दस बजे उनके पास दूसरे नंबर से फोन आया। उसने खुद को बैंक कस्टमर केयर से बताया। ईएमआइ बाउंस की काटी गयी रकम खाते में वापस जमा करने की कहने लगा।

इसके कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर ओटीपी नंबर भेजा। शातिर ने उनसे मोबाइल पर आया नंबर पूछने के बाद खाते से एक लाख 46 हजार रुपये निकाल लिए।रकम निकालने का मैसेज आने पर उन्होंने युवक को फोन किया।उसने आधा घंटे में रकम खाते में लौटाने की कहा। रात तक वह नंबर पर बात करते रहे लेकिन रकम खाते में नहीं आयी।इससे उन्हें साइबर शातिरों का शिकार होने पता चला। पीड़ित ने साइबर रेंज थाने में धोखाधड़ी की शिकायत की है सिरिल ने बताया साइबर शातिरों ने बैंक में उनकी मेल आइडी भी हैक करके बदल दी थी।इसकी जानकारी उन्हें मोबाइल पर आइडी बदलने का मैसेज आने पर हुआ।उन्होंने बैंक जाकर ईमेल आइडी को सही कराया।सिरिल ने बताया बैंक को उनके खाते में कितनी रकम जमा है, इसकी पूरी जानकारी थी।आइजी रेंज साइबर सेल के प्रभारी शैलेश कुमार सिंह के अनुसार जरा सी सावधानी और जागरूकता आपको को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा सकती हैं।

इन बातों का ध्यान रखेंगूगल पर सर्च किए गए कस्टमर केयर नंबर का इस्तेमाल न करें, धोखा हो सकता है।किसी भी समस्या के होने पर बैंक, ई-वॉलेट या अन्य संबंधित की असली वेबसाइट पर ही जाकर कस्टमर केयर नंबर पर ईमेल आदि का इस्तेमाल करें।फोन कॉल एसएमएस या अन्य किसी माध्यम से ओटीपी या यूपीआइ ओर एटीएम पिन किसी के साथ शेयर नहीं करें।एसएमएस या वॉट्सएप पर आए किसी लिंक या गूगल फॉर्म में कोई भी अपनी निजी जानकारी जैसे गूगल, यूपीआइ पिन,एटीएम पिन या बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबर कार्ड नंबर रुपये शेयर नहीं करें।छोटी रकम का लालच देकर कोई आपकी निजी जानकारी चुरा सकता है।