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राजस्थान संकट: कया प्रियंका के संपर्क में हैं सचिन ?

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  • सम्मानजनक घर वापसी की कोशिश अब भी जारी मीडिया रिपोर्ट में आया सामने

  • पहले प्रियंका ने सचिन को मनाने के लिए सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात कराने को कहा

जयपुर: राजस्थान में करीब 10 दिनों से जारी सियासी घमासान को लेकर आज हाईकोर्ट में एक बार फिर से सुनवाई होनी है। इस बीच सचिन पायलट ने हाईकोर्ट जाने के साथ ही कांग्रेस के टॉप लीडरशिप से संपर्क बनाए रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पायलट ने अयोग्यता नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती जरूर दी है, मगर इसके साथ ही पार्टी में अपनी मांगे पूरी करवाने को लेकर प्रियंका गांधी से लगातार संपर्क में हैं। एक मीडिया समूह ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि सचिन पायलट बीते तीन-चार दिनों से हर रोज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से फोन पर बात कर रहे हैं।

हालांकि, दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसका पता नहीं चल पाया है। राजस्थान मामले में ये अहम डेवलपमेंट ऐसे वक्त में आया है, जब अशोक गहलोत सरकार पायलट की अगुवाई में असंतुष्ट विधायकों के खिलाफ एक्शन के लिए प्लान बी तैयार करने में जुटी है। पहले भी प्रियंका ने सचिन को मनाने के लिए उन्हें सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात कराने को कहा, लेकिन पायलट ने ऑफर ठुकरा दिया था। इसी के बाद कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी पायलट की वापसी चाहते हैं। बताया जा रहा है कि राहुल सचिन की सम्मानजनक वापसी का माहौल बनाने के प्रयास में हैं। कांग्रेस सचिन को एक और मौका देने के पक्ष में हैं। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी ने बागियों के प्रति नरम रुख का आग्रह किया है। राहुल ने पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया है कि वह पायलट को पार्टी में लौटने का एक अवसर प्रदान करें।

भाजपा का वेट एंड वॉच

उधर, बीजेपी अभी भी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। पार्टी जल्दबाजी नहीं करना चाहती। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगी। सचिन को बीजेपी में शामिल करने के सवाल पर पूनिया ने कहा, अगर कोई आता है तो उसका स्वागत है। बीजेपी में एक नेता के कैल्कुलेशन के मुताबिक पायलट खेमे में अभी 21 विधायक हैं। इनमें 19 कांग्रेस के बागी और दो निर्दलीय ओम प्रकाश हुडला (महुवा) और सुरेश टाक (किशनगढ़) विधायक हैं।

ये 21 विधायक, बीजेपी 72 विधायक और उसके तीन सहयोगी अगर साथ आ जाए, तो 200-सदस्यीय विधानसभा में सरकार को 96 पर ला सकते हैं। एक वरिष्ठ बीजेपी कहते हैं, इस पॉइंट पर आने के बाद अगर मौके का फायदा नहीं उठाया गया, तो ये बुद्धिमानी नहीं, बेवकूफी होगी। सूत्र ने कहा कि पार्टी ने अपनी राजस्थान यूनिट के नेताओं से कहा है कि वो गहलोत खेमे में विधायकों के जीतने की संभावना पर नजर बनाए रखे।