Rajasthan Exclusive > राजस्थान > जयपुर के अखिल सहित तीन कोटा के छात्रों ने प्राप्त किए 100 परसेंटाइल

जयपुर के अखिल सहित तीन कोटा के छात्रों ने प्राप्त किए 100 परसेंटाइल

0
137
  • देश भर की 24 छात्रों को आए सो परसेंटाइल जिनमें से राजस्थान के हैं 4 स्टूडेंट

  • एनटीए ने रात 11:00 बजे जारी किया परिणाम

ब्यूरो नवज्योति जयपुर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए ने शुक्रवार देर रात 11:00 बजे संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2020 का परिणाम घोषित कर दिया परिणाम (students achieved 100 percentile) में इस बार भी जयपुर के छात्र अखिल अग्रवाल ने 100 परसेंटाइल (students achieved 100 percentile) अंक प्राप्त किए हैं इसके साथ ही कोटा के तीन अन्य छात्रों ने भी 100 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं.

वही कुल परिणाम में देश भर से 24 विद्यार्थियों ने 100 परसेंटाइल अंक प्राप्त किए हैं। परिणाम में कोटा (students achieved 100 percentile) के अखिल जैन पार्थ द्विवेदी और आर महेंद्र राज ने भी सो परसेंटाइल (students achieved 100 percentile) प्राप्त किए हैं वहीं 100 पर्सेंटाइल हासिल (students achieved 100 percentile) करने वालो में सबसे ऊपर गुजरात के निसर्ग चड्‌ढा का नाम है।

यह भी पढे: लोकतंत्र में फ़ीडबैक कार्यक्रम अच्छी परिपाटी है,माकन ने सबकी बातें सुनी-पायलट

इससे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने फाइनल (students achieved 100 percentile) आंसर की जारी कर दी थी। इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए होने वाली इस एग्जाम का आयोजन 1 से 6 सितंबर, 2020 तक ऑनलाइन मोड के जरिए किया गया था। परीक्षा में इस बार कुल 8 लाख 65 हजार रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स में से पहले दिन, बी.आर्क और बी.

प्लानिंग परीक्षा में 55 फीसदी से कम छात्र शामिल हुए थे। इसी तरह लगभग 80 फीसदी छात्र बी.ई. और आने वाले दिनों में बी.टेक पेपर में बैठे थे। जिसके कारण इस सेकंड राउंड की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की अटेंडेंस रेट 74 फीसदी ही रहा है।

प्रदेश में 3 साल में सरकारी विद्यालयों की यूनिफॉर्म बदलना तुगलकी निर्णय

प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में यूनिफॉर्म बदलने की कवायद के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए महज तीन साल में सरकारी विद्यालयों की यूनिफॉर्म बदलने को तुगलकी निर्णय बताया।

यह भी पढे: राजस्थान यूनिवर्सिटी फाइनल ईयर की परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी

देवनानी ने कहा कि आलाकमान को खुश करने के लिए कांग्रेस सरकार तीन साल में ही स्कूल ड्रेस बदलने का अव्यवहारिक कदम उठाने जा रही है

जिससे कोरोनाकाल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।

यह सरकार का प्रदेश के 77 लाख अभिभावकों पर सीधे-साधे गैरजरूरी आर्थिक भार थोंपने वाला प्रयास है।

प्रदेश में 3 साल में सरकारी विद्यालयों की यूनिफॉर्म बदलना तुगलकी निर्णय

प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में यूनिफॉर्म बदलने की कवायद के बीच पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए महज तीन साल में सरकारी विद्यालयों की यूनिफॉर्म बदलने को तुगलकी निर्णय बताया।

देवनानी ने कहा कि आलाकमान को खुश करने के लिए कांग्रेस सरकार तीन साल में ही स्कूल ड्रेस बदलने का अव्यवहारिक कदम उठाने जा रही है

जिससे कोरोनाकाल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।

यह सरकार का प्रदेश के 77 लाख अभिभावकों पर सीधे-साधे गैरजरूरी आर्थिक भार थोंपने वाला प्रयास है।

उन्होंने कहा कि 20 वर्ष के बाद सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों की हौसला अफजाई व उन्हें निजी

यह भी पढे: प्रदेश में 3 साल में सरकारी विद्यालयों की यूनिफॉर्म बदलना तुगलकी निर्णय

स्कूलों जैसा आकर्षक परिवेश प्रदान कर उनमें आत्मविश्वास व ऊर्जा के संचरण हेतु छात्र-छात्राओं, शिक्षकों

व अभिभावकों से सलाह-मशविरा कर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा नई यूनिफॉर्म तय की गई थी

जिससे विद्यार्थियों में सरकारी व प्राईवेट का अन्तर भी समाप्त सा दिखने लगा था।

कांग्रेस सरकार द्वारा इसे बदलने की राजनीति बेहद शर्मनाक है।

देवनानी ने कहा कि प्रदेश की जनता दि-ब-दिन भयानक रूप लेते कोरोना संक्रमण व आर्थिक तंगी से संघर्ष कर रही है

जबकि सरकार रोकथाम के कारगर उपाय करने के बजाय भाजपा शासन के हर काम व योजनाओं को बदलनें में अपनी ऊर्जा लगा रही है।

कांग्रेस सरकार कभी पाठ्यक्रमों से महापुरूषो व वीरों के पाठ हटाने की राजनीति कर रही है

तो कभी योजनाओं व पुरस्कारों के नाम बदले जा रहे है।

इस सरकार को बच्चियों को दी जा रही साईकिलों के रंग में भी भगवाकरण नजर आया

और उन्हें काली पुतवा दी थी और अब ऐसा ही कुछ स्कूल यूनिफॉर्म के साथ करने जा रही है।