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वेबिनार के जरिए आत्महत्या रोकथाम के प्रति किया जागरूक  

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जयपुर: वैश्विक महामारी के इस दौर में आपदा को अवसर में बदलने की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए महारानी महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा प्राचार्या डॉ निधिलेखा शर्मा और लोकल हेड डॉ प्रेरणा पुरी के निर्देशन में आत्महत्या (Made aware about suicide prevention) रोकथाम दिवस के अवसर पर वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि के रूप में भारत में विशेष बच्चों के लिए कार्यरत एनजीओ दिशा की कार्यकारी निदेशक, डॉ रेणु सिंह और प्रतिष्ठित मनोवैज्ञानिक डॉ श्वेता माथुर भी वेबिनार में मौजूद रही। डॉ. रेणु सिंह और डॉ श्वेता माथुर ने अपने अनुभव व ज्ञान से सभी का मार्गदर्शन किया।

डॉ रेणु सिंह ने अपने अभिभाषण में आत्महत्या (Made aware about suicide prevention) के कारण तथा रोकथाम, उपाय, मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति की देखभाल व सहयोग आदि बातों पर सबका ध्यान आकर्षित किया। डॉ रेणु ने बताया कि प्रत्येक जीवन अनमोल है इसे किस प्रकार संवारा जाना चाहिए। उन्होंने एक प्रेरणास्पद कविता से सभी में उत्साह का संचार किया। डॉ श्वेता माथुर ने छात्राओं को प्रदर्शन करके बताया कि कैसे एक मनुष्य आत्महत्या (Made aware about suicide prevention) के बारे में सोच सकता है और उसे कैसे बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने सभी को आत्महत्या (Made aware about suicide prevention) जैसे कार्य को रोकने के प्रति सजग किया।

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वेबिनार कार्यक्रम (Made aware about suicide prevention) के तहत काव्य प्रतियोगिता तथा पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें कॉलेज की छात्राओं ने 19 कविताएं व  46 पोस्टर जमा करवाए। काव्य प्रतियोगिता के विजेताओं में श्रद्धा तिवारी, हर्षिता महर्षि और खुशी शर्मा ने प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किए। इसी प्रकार पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं का निर्धारण डॉ मधु जैन व डॉ मुक्ता सिंघवी ने किया। जिसमें प्रगति जैन ,एकता कुमारी, नीनिशा  व हर्षिता महर्षि  ने अपना विजेता सूची में अपना नाम बनाया। कार्यक्रम के अन्तिम चरण में डॉ मानिका मोहन द्वारा अपनी कविता के माध्यम से सभी का उत्साहवर्धन किया गया।

मलेरिया व मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सतर्कता बरते: डॉ रघु

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा़ ने कोरोना के साथ ही प्रदेश में वर्षा से प्रभावित स्थानों पर जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों (डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया) की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वाथ्य विभाग के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं।

शर्मा ने मच्छरों की रोकथाम के लिए एन्टीलार्वल गतिविधिपयों पर अधिक ध्यान देने एवं मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी के ठहराव वाले स्थानों पर एम.एल.ओ. डलवाने के निर्देश दिये। उन्होंने पीने के पानी के टांकों में टेमीफोस डलवाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी जिलों में हैचरीज का समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने एवं हैचरीज से गम्बूशिया मछलियां तालाब एवं टांको में डलवाने के लिए भी कहा है।

चिकित्सा मंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को स्प्रे का सुपरविजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया कि मलेरिया पी.एफ. रोगी एवं डेंगू रोगी पाये जाने पर पायरेथ्रम का फोकल स्प्रे रोगी एवं आसपास के 50 घरों में किया जायेगा। सभी प्रभावित गांवों में शत-प्रतिशत सर्वेलेंस कर नियमित मॉनीटरिंग की जायेगी।

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शर्मा ने बुखार पीड़ित रोगियों की त्वरित जांच एवं उपचार करने के साथ ही आउटब्रेक की स्थिति में आवश्यक दवाईयां एवं चिकित्सकीय दल (रैपिड रेस्पोंस टीम) आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों पर चिकित्सकों व पैरामेडिकल नर्सिंग स्टॉफ का मुख्यालय पर ठहराव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी पेयजल स्रोतों की क्लोरोस्कोप से नियमित जांच करने एवं जलदाय विभाग तथा स्थानीय निकायों के समन्वय से एवं संयुक्त टीम का गठन कर पानी के नमूनीकरण का कार्य अधिक से अधिक कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

जिलों में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर, ओ.आर.एस. इत्यादि की स्वास्थ्य उपकेन्द्रों तक उपलब्धता, पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पेयजल के नमूनों की जांच, रेपिड रेस्पोन्स टीम के गठन एवं रक्त व अन्य नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशालाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। मलेरिया, डेंगू इत्यादि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त मात्रा मेें दवाईयां, जांच व अन्य साधनों की व्यवस्था देखने के साथ ही पॉजिटिव प्रकरणों के संबंध में निर्धारित मापदण्डों के अनुसार कार्यवाही पर सतर्कता से नजर रखने के भी निर्देश दिये गये हैं।