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निर्भया स्क्वाड का ‘सजक पडोसी योजना’ है घरेलू हिंसा के खिलाफ

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जयपुर: दुनिया इस समय इस तरह की अराजकता में आ गई है कि हम या हमारा समाज एक शांतिपूर्ण जीवन चाहते हैं और प्रभावी पुलिसिंग के बिना इसे हासिल नहीं किया जा सकता है।

परिवार के अलावा, हमें या हमारी गतिविधियों को व्यक्तिगत रूप से जानने वाला, पहला व्यक्ति हैं हमारे पड़ोसी।

यदि कोई दुर्घटना होती है, तो वे सबसे पहले सतर्क हो जाते हैं।

पड़ोसियों को उनकी क्षमता का अहसास करवाने और शहर में सतर्कता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशानुसर निर्भया स्क्वाड अपनी ‘अलर्ट पड़ोसी पहल या सजक पडोसी योजना’ के साथ लोगों तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

अतिरिक्त डीसीपी, सुनीता मीणा की अगुवाई वाली निर्भया स्क्वॉड की इस पहल का का मुख्य ध्यान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सेवा करना है।

यह स्क्वाड स्थानीय पुलिस स्टेशनों की मदद से हर बीट में शहर के दरवाजों को खटखटा रही है ताकि लोगों को पहल के बारे में जागरूक किया जा सके।

निर्भया स्क्वाड की अतिरिक्त डीसीपी मीणा ने कहा, ‘‘आपका पड़ोसी महत्वपूर्ण है और यह संदेश लोगों को व्यक्तिगत रूप से मिलकर दिया जा रहा है।

वहीं घरों में जाकर उनको पड़ोसी की सतर्कता का महत्व बताया जा रहा है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि, ‘‘लोगों को अपनी अनुपस्थिति में एक-दूसरे के आवासों की देखभाल करनी चाहिए।

किसी भी अवैध गतिविधि या आसपास में घूमने वाले सफेदपोश अपराधियों के बारे में पुलिस को सूचित करना चाहिए।

हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपकी पहचान गोपनीय रखी जाए।’’

अधिकारी ने किरायेदारों और नौकरों के सत्यापन के बारे में भी महत्वपूर्ण विवरण साझा किया।

वही लाइसेंस प्राप्त करने और हथियारों के नवीनीकरण की प्रक्रिया पर जोर भी दिया।

लोगों को किसी भी घरेलू हिंसा की घटना के बारे में सूचित करने के लिए कहा जा रहा है क्योंकि निर्भया स्क्वाड की सूची में प्राथमिकता महिला और बाल सुरक्षा को दी गई है।

अधिकारी ने कहा कि,“हम लोगों को अपने आसपास के घरों के मामले में सतर्क रहने के लिए प्रेरित करते हैं।

हम उनसे कहते हैं कि अगर वे घरेलू हिंसा के किसी भी मामले को देखते हैं तो हमें सूचित करें ताकि मदद समय पर पहुंच सके।’’

यह भी कहा कि, “हमारा उद्देश्य जनता और पुलिस को एक साथ लाना है।

इस अभियान के पहले ड्राइव में लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है

इसके बाद एक दूसरे और तीसरे ड्राइव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें इस तरह के मामलों के प्रति थोड़ी सख्ती दिखाई देगी।’’

शुरुआत में एक सकारात्मक परिणाम के साथ, दस्ते ने इस तरह के लगभग 200-250 मामलों को हल किया है.

अब सभी कामों के दस्तावेज बनाने की योजना बना रहे हैं ताकि अपने क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले बल को पुरस्कृत किया जा सकें।