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पायलट के यू टर्न से भाजपा खेमे में निराशा

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जयपुर: राजस्थान सियासी संकट के बीच राहुल गांधी और सचिन पायलट की मुलाकात के बाद बीजेपी खेमे में निराशा हैं. ये निराशा ऐनवक्त पर पायलट के यूटर्न लेने से हुई है. भाजपा से बिना किसी विचार-विमर्श या पूर्व सूचना के गांधी परिवार के साथ मीटिंग करने से निराशा है. हालांकि फेस वेल्यू पर भाजपा ने इसे हमेशा कांग्रेस में दो गुटों का आपसी झगड़ा माना.

लेकिन फिर भी कहीं न कहीं पिछले कुछ महीनों से भाजपा व पायलट एक दूसरे के काफी करीब आ गए थे. अब ये तीन माह पुरानी दोस्ती एक तरह से टूटने के कगार पर है, हालांकि इस बारे में इस स्टेज पर कुछ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी. फिर भी भाजपा और पायलट के रिश्तों में एक दरार आ चुकी है. अब भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कैसे लेगा इस सारे घटनाक्रम को? इस बारे में अलग-अलग लोगों के अलग-अलग अनुमान है.

मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं: विधायक भंवरलाल

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा मीडिया से रूबरू हुए. भंवरलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर बातचीत हुई.हमारी जो नाराजगी थी वो दूर हो गई है. कांग्रेस में कोई कैंप ही नहीं था. मैं अपनी इच्छा से गया था और इच्छा से ही आया हूं.मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं है. विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है. पूरे 5 साल कांग्रेस की सरकार चलेगी. भंवरलाल शर्मा ने कहा कि वायरल हुआ ऑडियो झूठा था. मैं कांग्रेस के साथ हूं,घर का मामला था जो निपट गया है. इससे पहले भंवरलाल शर्मा सीएमआर पहुंचे, जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत से बातचीत की हैं

तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात

इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई थी. इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे.