Rajasthan Exclusive > राजनीती > सरकार गिराने के षड्यंत्र में शामिल थे पायलट, मेरे पास सबूत: अशोक गहलोत

सरकार गिराने के षड्यंत्र में शामिल थे पायलट, मेरे पास सबूत: अशोक गहलोत

0
308

राजस्थान में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान सीएम अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है. सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि हमारे डिप्टी सीएम सचिन पायलट खुद राजस्थान सरकार गिराने के षड्यंत्र में शामिल थे और मेरे पास इसके सबूत हैं. अशोक गहलोत ने कहा, मेरे पास हॉर्स ट्रेडिंग के सबूत हैं. देश में डेमोक्रेसी को खत्म करने की साजिश हो रही है. इसको लेकर मीडिया को आवाज उठानी चाहिए.

गहलोत ने कहा कि 20 करोड़ का सौदा होने जा रहा था. उन्होंने कहा कि हम तो तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं. 40 साल की राजनीति हो गई. हम तो नई पीढ़ी को तैयार करते हैं. आने वाला कल उनका है. हमारी बहुत रगड़ाई हुई थी. 40 सालों तक जिन्होंने संघर्ष किया, वो आज मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पार्टी के शीर्ष पर हैं. सीएम गहलोत ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी रगड़ाई होती तो अच्छा काम करते. आज हमसे अच्छा काम ये कर सकते हैं. अगर ये खुद ही हॉर्स ट्रेडिंग को पसंद करेंगे और उसका हिस्सा बनेंगे तो देश को बर्बाद करेंगे.

हॉर्स ट्रेडिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले भी हमें अपने विधायकों को 10 दिन तक होटल में रखना पड़ा. अगर उस वक्त हम नहीं रखते तो आज जो मानेसर वाला खेल हुआ है, वो उस समय होने वाला था. रात के दो बजे लोगों को भेजा रहा था. खुद षड्यंत्र में शामिल नेता सफाई दे रहे थे.

‘दिल्ली में बैठे लोगों ने सरकार गिराने की साजिश रची’

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि हमारे डिप्टी सीएम हो या पीसीसी चीफ, उनसे जब खरीद-फरोख्त की जानकारी मांगी गई तो सफाई दे रहे हैं. वह खुद षड्यंत्र में शामिल थे. दिल्ली में बैठे लोगों ने सरकार गिराने की साजिश रची. लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश हो रही है. कर्नाटक और मध्य प्रदेश की तरह साजिश हो रही है.

‘अच्छी हिंदी-अंग्रेजी बोलना ही सबकुछ नहीं होता’

सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि लोग कहते हैं हम नई पीढ़ी को पसंद नहीं करते हैं. राहुल गांधी, सोनिया गांधी और खुद अशोक गहलोत उन्हें पसंद करता है. गवाह है कि जब भी मीटिंग होती है तो मैं युवाओं और एनएसयूआई के लिए लड़ाई लड़ता हूं. इनकी रगड़ाई नहीं हुई थी, इसलिए यह समझ नहीं पा रहे हैं. सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि अच्छा हिंदी-इंग्लिश बोलना, अच्छा बयान देना ही सबकुछ नहीं होता है, आपके दिल में क्या है देश के लिए, आपका कमिटमेंट क्या है. पार्टी की नीति, विचारधारा के प्रति आपके कमिटमेंट को देखा जाता है. सोने की छुरी प्लेट में खाने के लिए नहीं होती है.