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पश्चिम बंगाल में सेना की तैनाती पर मचा सियासी तूफान, फिर से आमने-सामने राज्यपाल और ममता

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को अम्फान चक्रवात को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यदि टीएमसी सुप्रीमो ने राज्यपाल कार्यालय को लूप में रखा होता तो चक्रवात राहत कार्य के लिए सेना को तीन दिन पहले ही बुला लिया जाता.

मुख्यमंत्री के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए राज्यपाल धनखड़ ने लिखा कि ममता बनर्जी से राज्यपाल के संपर्क में बने रहने के लिए अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि वह मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे लोगों को देखकर काफी व्यथित हैं और उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

राज्यपाल ने लिखा, ‘मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे लोगों को देखकर काफी कष्ट है. मेरी सरकार और एजेंसियों से अपील है कि सेवाओं को फिर से शुरू किया जाए. राज्यपाल ने सभी अधिकारियों से शहर में स्थिति सामान्य होने के बाद ही राजभवन में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.

उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से चक्रवात अम्फान के चलते होने वाले वास्तविक नुकसान का डाटा केंद्र सरकार से साझा करने को कहा. इससे पहले सेना ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार के आवश्यक बुनियादी ढांचे और सेवाओं की बहाली में सहायता के लिए अनुरोध को स्वीकार किया था.

पीएम मोदी ने राज्य को दी है हजार करोड़ की सहायता

बीते दिनों पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवात अम्फान के तबाही मचाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों की यात्रा की थी. उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर राज्यों के लिए जरूरी मदद देने का वादा भी किया. वहीं, पश्चिम बंगाल के लिए पीएम मोदी ने एक हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि का भी ऐलान किया, जबकि ओडिशा में भी पांच सौ करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की गई.

अम्फान से बंगाल में 85 की मौत

पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान के कारण 85 लोगों की जान चली गई है. चक्रवात के कारण जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित होने के बाद, प्रशासन के तमाम अधिकारी राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जुटे हुए हैं. राज्य में बुधवार (20 मई) को चक्रवात अम्फान के भीषण तबाही मचाने के बाद लाखों लोग बेघर हो गए, कई घर बर्बाद हो गए, हजारों पेड़ उखड़ गए और निचले इलाके जलमग्न हो गए.