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निजी स्कूल संचालक और सरकार जीद को छोड़े, अभिभावकों की मजबूरी को समझे

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  • दूसरे दिन सेंट जेवियर और महावीर स्कूल के संचालकों से मिलने का किया प्रयास, दिया निवेदन पत्र

  • तीसरे दिन भी देंगे दो स्कूलों को निवेदन पत्र
  • संयुक्त अभिभावक समिति की अपील

जयपुर: प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस माफी का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। बुधवार को लगातार दूसरे दिन जयपुर के सी-स्किम स्थित सेंट जेवियर स्कूल और महावीर स्कूल के संचालकों से संयुक्त अभिभावक समिति के पदाधिकारियों ने मुलाकात करने का प्रयास किया, संचालकों के ना मिलने की सूरत में समिति के पदाधिकारियों और अभिभावकों ने स्कूल परिसर पर ही नारेबाजी की और हाथों में तख्तियां व बैनर हाथों में लहराकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्कूल संचालकों ने वार्ता की और पदाधिकारियों की बात सुनी। इस दौरान समिति ने कोरोना संक्रमण के चलते फैली महामारी से प्रभावित और पीड़ित हुए परिवारों को राहत देने के लिए निवेदन पत्र भेंट किया।

समिति प्रवक्ता अभिषेक त्रिवेदी और अरविंद यादव ने बताया कि बुधवार दूसरे दिन भी निजी स्कूल संचालकों से मिलकर अभिभावकों की वास्तविक पीड़ाओं से अवगत करवाने का प्रयास कर समिति की ओर से किया गया। इस दौरान एक प्रतिनिधि अभिभावकों के साथ मिलकर स्कूल संचालकों से मुलाकात कर बात रखने का प्रयास किया। किंतु दोनों ही स्कूलों संचालकों ने अपनी हठकर्मिता का परिचय देते हुए अभिभावकों की पीड़ाओं को दरकिनार कर अपनी मनगढ़त कहानी का प्रदर्शन किया और प्रतिनिधि मंडल को किसी भी प्रकार का कोई रेस्पॉन्स तक नही दिया। यही नही पब्लिक प्रोपर्टी की जमीन पर बने स्कूलों में घुसने तक नही दिया गया।

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समिति संयोजक सुशील शर्मा ने कहा कि इस समय पूरा देश कोविड-19 के दुष्प्रभार से झूझ रहा है, ना निजी स्कूल संचालक अभिभावकों और अपने उनके परिवारों पर ध्यान दे रहे है ना ही केंद्र व राज्य सरकार ध्यान दे रही है। संयुक्त अभिभावक समिति और प्रत्येक अभिभावक इस संकट की घड़ी से निपटने व परिवार के पालन-पोषण के लिए लगातार ” नो स्कूल नो फीस ” की मांग के साथ प्रदर्शन कर रहे है, जबकि स्कूल संचालक और सरकार अभिभावकों के आंदोलन और पीड़ाओं का मजाक उड़ाते हुए अभिभावकों की मजबूरी पर हसि उड़ा रहे है।

संयुक्त अभिभावक समिति कोषाध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि पिछले तीन महीनों से अभिभावक सभी निजी स्कूल संचालकों से विभिन्न माध्यमों से प्रतिदिन प्रार्थना कर रहे है और बुधवार को भी प्रार्थना पत्र भेंट कर रहे है इस वैश्विक कोविड – 19 महामारी से अभिभावकों के साथ व्यापार/व्यवसाय/ रोजगार जैसी समश्याएँ उतपन्न हुई है, उसकी वास्विकता को समझे और मानवता व इंसानियत धर्म का फर्ज निभाते हुए ” जब तक स्कूल नही तब तक कि किसी भी प्रकार की फीस बिल्कुल भी ना ली जावें ” की बात रखी। निजी स्कूल संचालकों को बताया गया कि अभिभावक इस वैश्विक महामारी से पीड़ित और प्रताड़ित है, कोरोना संक्रमण से उतपन्न हुई अभिभावकों की मजबूरी को समझते हुए निजी स्कूल संचालक और सरकार अपना फर्ज निभाएं।

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इस दौरान संयुक्त अभिभावक समिति के संयोजक सुशील शर्मा, कोषाध्यक्ष संजय गोयल, प्रवक्ता अरविंद अग्रवाल, ईशान शर्मा, मनीष विजयवर्गीय, मीडिया संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू सहित सेंट जेवियर और महावीर स्कूल के अभिभावकों उपस्थित रहे।

प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि गुरुवार को प्रातः 9 बजे सुबोध स्कूल और एसएमएस स्कूल को प्रार्थना पत्र भेंट किया जाएगा, यह दौर 13 अगस्त तक लगातार संचालित किया जाएगा, इस दौरन निजी स्कूल संचालक और सरकार अभिभावकों को राहत प्रदान कर देते है तो ठीक है अन्यथा 14 अगस्त को विशाल जनाक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही स्कूल संचालकों और सरकार की रहेगी