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भाजपा का दावा 95 प्रतिशत बागियों ने नाम वापस लिए, बड़े नेता अब भी चुनाव मैदान में

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नाम वापसी के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस से बागी होकर नामांकन करने वाले कई नेताओं ने अपने नाम वापस ले लिए। भाजपा ने दावा किया है कि प्रदेश के 3 शहरों के 6 नगर निगमों के चुनाव में बागी के तौर पर नामांकन दाखिल करने वाले 95 प्रतिशत प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया है। भाजपा जयपुर शहर ने दावा किया है कि शहर के दोनों निगमों में 53 प्रत्याशियों ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में नाम वापस लिए हैं। मगर जयपुर की दोनों नगर निगमों में अब भी कई बड़े नेता ऐसे हैं जो मैदान में डटे हुए हैं।

जयपुर ग्रेटर के मालवीय नगर के वार्ड 149 से भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी व पूर्व पार्षद स्वाति परनामी, वार्ड 150 से पूर्व पार्षद संजीव शर्मा ने अपना नाम वापस नहीं लिया है। जयपुर हैरिटेज के आदर्श नगर के वार्ड 93 से पूर्व पार्षद नीता खेतान, किशनपोल वार्ड 74 से पूर्व पार्षद कुसुम यादव, किशनपोल वार्ड 58 से पूर्व सांसद गिरधारीलाल भार्गव के पुत्र मनोज भार्गव को भाजपा नाम वापसी के लिए नहीं मना पाई।

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ऐसे में इन वार्डों में भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि जयपुर हैरिटेज में 27 और 35 ग्रेटर नगर निगम में बागी के तौर पर नामांकन भरा था, जिसमें करीब करीब सभी ने नामांकन वापस ले लिया है। चतुर्वेदी ने कहा कि जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के चुनाव में भाजपा के बागी के तौर पर नामांकन भरने वाले 95 फीसदी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।

चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने जयपुर के दो निगम किए, यहां तक कि गोविन्द देवजी और मोती डूंगरी गणेश जी की सीमाओं को भी अलग-अलग कर दिया है। जयपुर नगर निगम की ऐसी स्थिति की है, जहां 30-35 हजार की आबादी पर एक वार्ड होता था, अब उस वार्ड को 7 हजार से लेकर 13 हजार तक सीमित कर एक नगर पालिका एवं नगर परिषद-सी स्थिति पैदा कर दी है।