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हल्ला बोल जैसे कार्यक्रम से अपनी झेंप मिटा रही है भाजपा: डोटासरा

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के हल्ला बोल कार्यक्रम को लेकर कहा है कि भाजपा किसान विरोधी कानून और हाथरस की घटना की नाकामी छुपाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों से अपनी झेंप मिटा रही है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को पीसीसी अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि घटना के डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा खुलकर सामने आ गई है और नए-नए हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में पीएम मोदी ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का पत्ता साफ नहीं किया तो खुद मोदी की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी।

झुंझुनूं में एक भाजपा नेता केे कलेक्टर के साथ दुर्व्यवहार की घटना पर डोटासरा ने कहा कि ज्ञापन देने का भी एक तरीका होता है, लेकिन झेंप मिटाने के लिए भाजपा नेता इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।

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डोटासरा ने कई अन्य मुद्दों पर भी मीडिया के सवालों के जवाब दिए। कार्यकारिणी के गठन के सवाल पर पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रदेश प्रभारी अजय माकन संभाग बार फीडबैक बैठकों के बाद ही कार्यकारिणी का फैसला लेंगे। माकन 2 संभागों का फीडबैक ले चुके हैं और 5 संभाग का फीडबैक अभी आना बाकी है, उसके बाद ही कार्यकारिणी का गठन होगा।

कोरोना के खिलाफ जन आंदोलन को लेकर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जन आंदोलन का जनता के बीच अच्छा प्रभाव नजर आ रहा है। लोगों ने भी सरकार के इस आंदोलन को सराहा है। मास्क बांटे जा रहे हैं। हम सब मिलकर इस आंदोलन को सफल बनाएंगे।

प्रभारी मंत्रियों के दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर संगठन के कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकें कर छोटे स्तर की समस्याओं को तुरंत निपटा रहे हैं। बड़ी समस्याओं पर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट पेश कर उनका समाधान किया जाएगा।

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दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर इंटरनेट की भूमिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि लिटरेचर ज्यादा होता है तो ज्ञान लेने की क्षमता बढ़ जाती है। व्यक्ति उस लिटरेचर का कैसे उपयोग करता है उस पर निर्भर है, इसलिए हम स्कूली पाठ्यक्रम में गांधी और महापुरुषों को पढ़ा रहे हैं। पाश्चात्य संस्कृति हम पर हावी हो रही है हमारी आगामी पीढ़ियों और युवाओं को पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचाने के लिए हम महापुरुषों की जीवनी पढ़ा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के स्कूलों को 15 अक्टूबर से खोलने और और राज्य सरकार को दिशा निर्देशों की जिम्मेदारी तय करने के बाद राज्य सरकार ने भी स्कूल खोलने के संबंध में रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है।