Rajasthan Exclusive > राजस्थान > नगर निगम चुनाव में सीएम गहलोत का ‘गढ़’ बना नाक का सवाल केंद्रीय मंत्री-सांसद तक मांग रहे वार्ड प्रत्याशी के लिए वोट

नगर निगम चुनाव में सीएम गहलोत का ‘गढ़’ बना नाक का सवाल केंद्रीय मंत्री-सांसद तक मांग रहे वार्ड प्रत्याशी के लिए वोट

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जयपुर-जोधपुर-कोटा शहरों में निगम चुनाव के लिए मतदान का दिन नज़दीक आने के साथ ही प्रचार अभियान भी अपने पूरे शबाब पर है। हर बार की तरह इस बार के निगम चुनाव भी कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि दोनों राजनीतिक दलों ने इस चुनाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह क्षेत्र जोधपुर को दोनों पार्टियों ने अपनी अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। मुख्यमंत्री का गढ़ कहलाने वाले जोधपुर में जीत पाने के लिए दोनों ही पार्टियाँ पूरा दमखम लगा रही हैं। खासतौर से भाजपा का फोकस जयपुर-कोटा से ज़्यादा जोधपुर पर नज़र आ रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लग सकता है कि यहाँ केंद्रीय मंत्री, सांसद और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी स्तर के नेता तक एक-एक वार्ड पार्षद को जिताने के लिए जोर-आज़माइश कर रहे हैं।

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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत और केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने जहां जोधपुर में कमान संभाली हुई है वहीं राज्य सभा सांसद राजेन्द्र गहलोत भी पार्टी के वार्ड पार्षद प्रत्याशी के समर्थन में वोट अपील कर रहे हैं। शेखावत और गहलोत भी जोधपुर से ही आते हैं लिहाजा वे स्थानीय लोगों के बीच जाकर पार्टी के पक्ष में माहौल बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर नगर निगम की चुनावी दंगल में सीधे तौर पर मैदान में नहीं उतरकर अपने पुत्र और आरसीए चेयरमैन वैभव गहलोत को कमान सौंप रखी है। वे जयपुर में ही बैठकर जोधपुर की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस बार जोधपुर में 160 सीटों पर नगर निगम उत्तर और दक्षिण जोन के लिए चुनाव हो रहे हैं। दोनों ही पार्टियां अपने-अपने बोर्ड बनाने की जुगत में हैं और अपनी पार्टियों की जीत के दावे कर रही हैं।