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गहलोत का कोरोना प्रबंधन देश में सर्वश्रेष्ठ, अजय माकन का आकलन

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पूरे देश में राजस्थान में गहलोत सरकार का कोरोना (Rajasthan Corona latest news) प्रबंधन सर्वश्रेष्ठ है. कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने इसका आकलन लगाया है. माकन की रिसर्च टीम ने चौंकाने वाले तथ्य जुटाए हैं.उनके अनुसार कोरोना मृत्यु दर राजस्थान में सबसे कम है. देश में कोरोना (Rajasthan Corona latest news) की  मृत्यु दर 1.69 फीसदी प्रति एक लाख व्यक्ति है तो वहीं दिल्ली में मृत्यु दर 2.27 फीसदी प्रति एक लाख व्यक्ति है. जबकि राजस्थान में कोरोना (Rajasthan Corona latest news) से मृत्यु दर 1.25 फीसदी प्रति एक लाख व्यक्ति है. इस प्रकार पूरे देश में सबसे कम मृत्यु दर राजस्थान में हैं. ऐसे में राजस्थान में कोरोना (Rajasthan Corona latest news) मृत्यु दर ऑल इंडिया से भी काफी कम है.

इस आकलन के अनुसार देश भर में संक्रमित दर 369 व्यक्ति प्रति एक लाख है जबकि दिल्ली में ये दर 1198 व्यक्ति प्रति एक लाख है और गोवा जैसे छोटे राज्य में 1550 व्यक्ति प्रति एक लाख है. इनके मुकाबले राजस्थान में संक्रमण दर केवल 139 व्यक्ति प्रति एक लाख है. इसी तरह देश में रिकवरी रेट 77.65 फीसदी है और राजस्थान में रिकवरी रेट 81.35 फीसदी है. इस प्रकार कोरोना (Rajasthan Corona latest news) संक्रमण दर में भी राजस्थान सबसे ज्यादा सुरक्षित राज्य है.

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इन आंकड़ों के आधार पर अजय माकन ने राजस्थान में गहलोत सरकार के सर्वश्रेष्ठ कोरोना प्रबंधन का दावा किया है. लेकिन इन सबके बावजूद माकन ने इस बात पर अफसोस जताया कि गहलोत सरकार अपनी इन सारी उपलब्धियों का पूरा प्रचार-प्रसार नहीं कर पा रही है. ऐसे में गहलोत को मीडिया प्रबंधन को चुस्त दुरुस्त करने के लिए मीडिया मैनेजमेंट की तत्काल जरूरत है.

ऊषा शर्मा का मुख्य सचिव बनना लगभग तय

मुख्य सचिव राजीव स्वरूप 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं. इसलिए प्रदेश के नए मुख्य सचिव को लेकर नौकरशाही में तलाश शुरू हो गई है. अगला मुख्य सचिव कौन होगा, इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. ऐसे में सूत्रों की माने तो ऊषा शर्मा का अब मुख्य सचिव बनना लगभग तय हो गया है. पहले तो राजीव स्वरूप के एक्शटेंशन की प्रबल संभावना थी, लेकिन अब शायद सरकार का मानस बदल रहा है. यदि ऊषा शर्मा को ही अगला मुख्य सचिव बनना है तो फिर राजीव को तीन माह का एक्सटेंशन देने का क्या अर्थ है? फिर नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा एक्सटेंशन को मंजूरी दिए जाने की भी संभावना बहुत कम ही है.

ऐसे में यदि ऊषा शर्मा मुख्य सचिव बनती हैं तो फिर मई, 2023 तक शायद वही इस पर पर रहेंगी. ऊषा, डॉ. सीपी जोशी की निकट रिश्तेदार है. हालांकि सीपी ने आज तक ऐसे मामलों में किसी की सिफारिश नहीं की, लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात के चलते ऊषा की उम्मीदवारी को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा. फिर एक महिला को मुख्य सचिव बनाने का अवसर गहलोत भी छोड़ना नहीं चाहते.

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सरकार से जुड़े सूत्रों की माने तो इस बार किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अफसर को राज्य का मुख्य सचिव बनाए जाने की चर्चा है. सरकार में वरिष्ठ महिला आईएएस अफसरों के नामों पर मंथन भी चल रहा है, और कुर्सी की इस दौड़ में उषा शर्मा को सबसे आगे बताया जा रहा है.

अपनी बिजली की ज़रूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने का रेलवे का लक्ष्य

पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रतिबद्ध और निरंतर प्रयासरत है. ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए रेलवे प्रशासन सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है. रेलवे का लक्ष्य है कि अपनी बिजली की जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा किया जाए. इस दिशा में अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में करीब 7 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं. इससे सालाना रेलवे प्रशासन को करीब 4 करोड़ रुपए की बचत हो रही है.
बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण का उत्तरदायित्व आज व्यक्ति विशेष का न होकर सभी का हो गया है. ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रेलवे भी लगातार सकारात्मक कदम उठा रहा है. जिसमें परम्परागत संसाधनों के स्थान पर पर्यावरण अनूकुल स्त्रोतों का अधिकाधिक उपयोग किया जा रहा है. उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रदूषण रहित पर्यावरण की मुहिम को बढाने के साथ-साथ राजस्व की बचत भी कर रहा है. उत्तर-पश्चिम रेलवे के अंतर्गत राजस्थान का करीब 90% क्षेत्रफल आता है.