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कोरोना का अभी कोई दवा या टीका नहीं हो पाया है ईजाद: डॉ रघु शर्मा

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कोरोना का अभी कोई दवा या टीका नहीं हो पाया है.

लेकिन आमजन की सावधानी से ही कोरोना के कुचक्र को बढ़ने से रोका जा सकता है.

डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोना का अभी कोई दवा या टीका ईजाद नहीं हो पाया है और ना ही कोरोना अभी समाप्त हुआ है.

दुनिया भर में संक्रमण के मामले में भारत अब 2 नंबर पर आ चुका है.

देश भर में 90 हजार लोग एक दिन में संक्रमित हो रहे हैं.

अब तक देश में करीब 41 लाख लोग सक्रंमित हो चुके हैं.

राज्य पर भी इसका असर पड़ रहा है.

कुछ दिनों पहले तक प्रदेश में लगभग 1100 मरीज प्रतिदिन आ रहे थे,

यह नंबर अब 15 से ज्यादा तक पहुंच गया है.

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह जानते हुए भी कुछ लोग प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर लापरवाही बरत रहे हैं.

संक्रमण के इस दौर में बिना मास्क घूमना, समूह में एकत्रित होना स्वयं और आमजन के लिए संक्रमण बढ़ाने वाला हो सकता है.

उन्होंने कहा कि कोरोना में केवल बचाव और सावधानी ही उपचार है.

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प्रदेश में कोरोना के बेहतर प्रबंधन के चलते इस दौरान होने वाली मृत्युदर में लगातार गिरावट आ रही है।

वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.25 फीसद है.

उन्होंने बताया कि देश के 10 बड़े राज्यों की औसत में राजस्थान में कोरोना की मृत्युदर खासी कम है.

प्रदेश में ठीक होने का प्रतिशित भी 82 फीसद तक पहुंच गया है,

पॉजिटिविटी का प्रतिशत भी कम है लेकिन फिर भी हमें और अधिक सावधान रहने की जरूरत है.

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि हालांकि देश भर में कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से हो रहा है

लेकिन प्रदेश की सजग और सतर्क सरकार कोरोना की रोकथाम के हरसंभव प्रयास कर रही है.

उन्होंने बताया कि राजधानी से लेकर प्रदेश के सभी जिला और सीएचसी स्तर के अस्पतालों पर फोकस करके आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में हाई फ्लोयुक्त 3018 आईसीयू बैड हैं, इनमें से वर्तमान में 872 ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

सरकार ने पर्याप्त शय्याओं का इंतजाम कर रखा है और निरंतर विभाग शय्याओं में बढ़ोतरी कर रहा है.

उन्होंने बताया कि हाल ही रेलवे से 50 शय्याएं ली हैं.

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पिछले दिनों 50 बैड आरयूएचएस में बढ़ाए हैं.

इसके अलावा 100 कोविड केयर बैड आरयूएचएस में बढ़ाए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हमारे पास 913 आईसीयू बैड हैं, इनमें से 406 ही काम में आ रहे हैं.

490 वेंटीलेटर्स हैं, इनमें से 113 ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

प्रदेश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है.

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 130 कोविड डेडिकेटेड अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं.

इसके अलावा 292 कोविड केयर सेंटर भी विकसित किए जा चुके हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों विभाग द्वारा निजी अस्पतालों में कोविड का इलाज करा रहे लोगों के लिए दरें निर्धारित की गई हैं.

सभी प्रोटोकॉल के साथ उन्हें चाय, नाश्ता, पीपीई किट से लेकर एंबूलेंस व अन्य सभी जांचों की दरों को निर्धारित कर दिया है.

 

अब प्रदेश में कोई भी निजी अस्पताल मनमानी दरों पर पैसा वसूल नहीं सकता है.

यही नहीं जो मरीज बिना लक्षण के हैं और निजी अस्पताल में निजी कमरों में रहना चाहते हैं.

ऐसे में उनके लिए 3 तरह के कमरों की भी दरें सरकार ने निर्धारित कर निजी अस्पतालों को अधिकृत किया है.

उन्होंने कहा कि जो सामान्य और बिना लक्षण के मरीज हैं,

जिनकी स्थिति गंभीर नहीं है एवं जिन्हें सिर्फ अलग कमरे एवं चिकित्सकों की देखरेख और निगरानी में रहने की आवश्यकता है.