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राजस्थान में कोरोना से पांच और मौतें, 695 आए नए रोगी

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राजस्थान में शुक्रवार की सुबह कोरोना से 5 और लोगों की मौत हो गई है। इनमें से तीन मौतें जयपुर और दो मौतें टोंक में हुई है। प्रदेश में अब कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 926 पर जा पहुंची है। शुक्रवार की सुबह प्रदेश में 695 नए रोगी मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा रोगी सीकर में 173 है। सीकर में यह अब तक के रिकॉर्ड रोगी है। यहां पर इससे पहले इतने संक्रमित कभी नहीं आए हैं। इसके अलावा बाड़मेर में 96, जयपुर में 51, झालावाड़ में 73, झुंझुनू में 65, जोधपुर में 75, नागौर में 87, पाली में 56 ,राजसमंद में 19 नए रोगी सामने आए हैं। प्रदेश में अब तक कोरोना से 67314 लोग संक्रमित हुए हैं । इनमें से51427 लोग रिकवर हो चुके हैं और 50749 लोग ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। अस्पताल और होम आइसोलेशन में 14961 संक्रमितो का इलाज जारी है।

राजस्थान में लॉकडाउन के बाद से उबरने लगा पर्यटन उद्योग

इस बार स्वतंत्रता दिवस पर माउंट आबू में पर्यटन क्षेत्र के लिए खुश होने का एक और महत्वपूर्ण कारण था- दरसअल लंबे समय बाद माउंट आबू में पर्यटकों की तादाद पांच अंकों को पार कर गई थी। रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के एकमात्र पर्वतीय स्थल माउंट आबू की पर्यटकों के बीच बहुत मांग है। बेहद खूबसूरत कुदरती दृश्यावली और आसपास बिखरे समृद्ध वास्तुशिल्प के अद्भुत नमूने- कुल मिलाकर माउंट आबू में सैर-सपाटे के शौकीन लोगों के लिए बहुत कुछ है। हालांकि इन गर्मियों में कोविड-19 के प्रकोप के कारण अधिकांश पर्यटकों ने माउंट आबू से दूरी बनाए रखी, लेकिन मॉनसून के आगमन के साथ ही यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी और आबू की हरी-भरी वादियां पर्यटकों की चहलकदमी से एक बार फिर गुलजार हो उठीं। जाहिर है कि यह बदलाव न्यू नॉर्मल की ओर लौटने का संकेत देता है।

राजस्थान में आने वाले पर्यटकों की संख्या में इधर लगातार वृद्धि हुई है, हालांकि विदेशी पर्यटकों का आगमन अब भी कम है, लेकिन स्थानीय पर्यटकों का उल्लास बढ़ रहा है। माउंट आबू से आने वाले आंकड़े यही स्थिति दर्शाते हैं। इसी तरह का ट्रेंड उदयपुर शहर को लेकर भी देखा गया है, जहां पर्यटक सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए छोटी और सुरक्षित छुट्टियों का मजा ले रहे हैं। स्टैंडर्ड ओपरेटिंग प्रोसीजर्स और सुरक्षा संबंधी अन्य उपायों के कारण ऐसा संभव हुआ है, जिससे पर्यटकों के बीच आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिली है।