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शिक्षा में बेटियों का सपना साकार करने के लिए ‘मुख्यमंत्री हमारी बेटी’ योजना लागू करेगी

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राज्य की अनाथ और बीपीएल परिवार की मेधावी बेटियों को पढ़ाने की व्यवस्था के लिए ‘मुख्यमंत्री हमारी बेटी’ योजना लागू करेगी। सरकार का मानना है कि आर्थिक परिस्थिति के चलते लड़कियां शिक्षा हासिल नहीं कर पाती इसलिए सरकार ऐसी मेधावी लड़कियों को तलाश कर उनकी शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाएगी जिससे वह आगे बढ़ सकें। चयनित बेटियों को खेल, इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी सरकार उन्हें अलग से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

योजना के तहत हर ज़िले से बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली तीन मेधावी छात्राओं को सूची में शामिल किया जाएगा, जिसमें दो सर्वोच्च अंक और एक बीपीएल परिवार की सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा का भी चयन होगा। साथ ही एक जिले में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली अनाथ परिवार की बेटी का भी चयन होगा। चयनित बेटियां खेलकूद, इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी अन्य क्षेत्र में आगे बढऩा चाहती हैं तो सरकार उसे अलग से वित्तीय सहायता प्रदान भी करेगी।

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इस योजना में राज्य के 33 जिलों में से 99 छात्राओं का चयन किया जाएगा। योजना के तहत प्रति छात्रा अधिकतम 1 लाख रुपए तक हर साल खर्च किया जाएगा। 11वीं और 12वीं कक्षा में पढऩे वाली लड़कियों 15 हजार रुपए और उच्च शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए की वित्तीय सहायता देगी। योजना के तहत चयनित छात्राओं को कक्षा 11वीं व 12वीं,व्यवसायिक शिक्षा, शिक्षण संस्थान में अध्ययन शुल्क, खेल विद्यालय, खेल कोचिंग संस्थानों में प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग शुल्क, छात्रावास शुल्क आदि राशि का वास्तविक व्यय भुगतान संस्थानों के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा। छात्रा को किताबें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म आदि के लिए 25000 रुपए वार्षिकअलग से प्रदान किए जाऐंगे।

पिछड़े एवं अल्प आय वाली होनहार बालिका आर्थिक समस्याओं के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती हैं। ऐसी बालिकाओं के सपने कभी पूरे नहीं हो पाते और वे समाज मेें पिछड़ जाती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है।