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अपनी बिजली की ज़रूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने का रेलवे का लक्ष्य

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पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण (Rajasthan electricity latest News) के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रतिबद्ध और निरंतर प्रयासरत है. ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए रेलवे प्रशासन सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है. रेलवे का लक्ष्य है कि अपनी बिजली (Rajasthan electricity latest News) की जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा किया जाए. इस दिशा में अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में करीब 7 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं. इससे सालाना रेलवे प्रशासन को करीब 4 करोड़ रुपए की बचत हो रही है.

बिजली (Rajasthan electricity latest News) की बचत और पर्यावरण संरक्षण का उत्तरदायित्व आज व्यक्ति विशेष का न होकर सभी का हो गया है. ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रेलवे भी लगातार सकारात्मक कदम उठा रहा है. जिसमें परम्परागत संसाधनों के स्थान पर पर्यावरण अनूकुल स्त्रोतों का अधिकाधिक उपयोग किया जा रहा है. उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रदूषण रहित पर्यावरण की मुहिम को बढाने के साथ-साथ राजस्व की बचत भी कर रहा है. उत्तर-पश्चिम रेलवे के अंतर्गत राजस्थान का करीब 90% क्षेत्रफल आता है.

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राजस्थान में वर्ष भर सूर्य की तेजी रहती है, जिससे यहां बिजली (Rajasthan electricity latest News) बनाने की स्थिति रहती है. यह क्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए समृद्ध और अनुकूल है. पिछले कुछ समय में सौर ऊर्जा को लेकर यहां काफी कार्य किए गए हैं. उत्तर-पश्चिम रेलवे में अभी तक कुल 6973 किलोवाट यानी 6.97 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं. इन सौलर पैनल (Rajasthan electricity latest News) के स्थापित होने से रेलवे पर प्रतिवर्ष 76 लाख से अधिक यूनिट की ऊर्जा की बचत की जा रही है. इससे रेलवे प्रशासन को करीब 3.96 करोड रूपए के राजस्व की बचत हो रही है.

देश भर में रेलवे नेअपनी सारी बिजली (Rajasthan electricity latest News) जरूरतों की पूर्ति के लिए आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखा है जिसके तहत भारतीय रेल ने अभी तक 960 से अधिक स्टेशनों का सौरकरण किया. 550 स्टेशनों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने का कार्य प्रगति पर है जहां पर 198 मेगावाट क्षमता के पैनल लगाए जा रहे.

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वहीं अगर राजस्थान को देखें तो यहां कुल 125 स्टेशनों पर5203 किलोवॉट के पैनल लगाए जा चुके हैं. अभी उत्तर पश्चिम रेलवे में 8.6 मेगावॉट के प्लांट लगाने प्रस्तावित है. राजस्थान में हर वर्ष 76 लाख से अधिक यूनिट बिजली (Rajasthan electricity latest News) का उत्पादन हो रहा है जिससे 3.96 करोड़ रुपए के राजस्व की बचत हो रही है. उत्तर पश्चिमी रेलवे अपनी ज़रूरतों का 8 प्रतिशत बिजली उत्पादन कर रहा है और सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन में देश के टॉप 10 जोन में शामिल है. रेलवे का सौर ऊर्जा पर काम लगातार जारी है और रेलवे का प्रयास है कि जल्द ही बिजली के मामले में कम से कम 20 प्रतिशत आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके.

विद्युत कनेक्शन के लिए लगे शिविर में पहले दिन 142 कनेक्शन

विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए शहर के 32 सहायक अभियंता कार्यालयों पर कल शिविर शुरू हुए।

पहले दिन शिविर स्थलों करीब 351 लोगों ने विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया,

जिसमें जयपुर विद्युत वितरण निगम ने 142 कनेक्शन जारी किए।

वहीं करीब 339 लोगों ने डिमांड नोटिस जारी किए गए।

कोविड 19 को लेकर जारी की गई गाइडलाइन की पालना के साथ शहर के 32 सहायक अभियंता कार्यालयों पर शिविर शुरू हुए,

हालांकि एक साथ अधिक लोग शिविर स्थलों पर नहीं पहुंचे।

अधीक्षण अभियंता एस.के. राजपूत ने बताया कि जयपुर शहर में शिविर 9 सितंबर तक लगाए जाएंगे।

शिविर में लोगों से आवेदन लेकर विद्युत कनेक्शन जल्द जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए उपभोक्ताओं के लिए टोकन व्यवस्था की गई है।

लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना जरूरी है।

शिविर में पहले दिन 351 आवेदन आए है।

इसमें जेईएन ने मौका रिपोर्ट कर करीब 142 लोगों के कनेक्शन जारी कर दिए है।

339 लोगों को डिमांड नोटिस जारी किए। शिविर 9 सितंबर तक लगेंगे।