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73 लाख रुपए का गरीबों का गेंहू डकार गए सरकारी कर्मचारी, 233 लोगों से होगी वसूली

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  • 11 ग्राम पंचायतों के 233 परिवारों से होगी वसूली

  • 15 दिन में 27 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से जमा करानी होगी राशि

जब बात अपने फायदे की हो तो गरीब होना मजबूरी नहीं शान बन जाती है। गरीबी की शान लिए बैठे ये वो लोग है, जो सरकारी महकमों से जुड़े होने के साथ ही आलीशान मकानों में रहकर गरीबों को दिए जाने वाले गेहूं को लंबे समय से खा रहे है। इससे जरूरतमंद और गरीब लोगों को अनाज से हाथ धोना पड़ रहा है।

राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आदेशानुसार जिला कलेक्टर जयपुर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता सूची में दर्ज सरकारी कर्मचारियों जिनके द्वारा योजना के तहत गेंहू प्राप्त क्रिया जा रहा हैं उनसे भारतीय खाद्य निगम की इकोनोमिक लागत एवं विभागीय खर्चों के आधार पर तय की गई राशि वसूल की जा रही।

कोटपूतली एसडीएम सुनीता मीणा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाकर दो रुपए किलो गेहूं लेकर योजना का लाभ ले रहे ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों से अब 27 रुपए प्रतिकिलो से वसूली की जाएगी। एसडीएम ने कोटपूतली की 11 पंचायतों के 233 लोगों को नोटिस जारी कर 15 दिन में राशि जमा कराने के निर्देश जारी किए है। राशि जमा नहीं कराए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बता दें कि कोटपूतली क्षेत्र में ऐसे मामलों की नए सिरे से जांच कर चिन्हित किए गए लोगों के बाद लगातार ग्राम पंचायतों में से ऐसे नाम सामने आ रहे है जो सरकारी महकमों से जुड़े होने के साथ ही आलीशान मकानों में रह रहे है। किसी का बेटा सरकारी नौकरी में है तो कहीं वो स्वयं सरकारी महकमे से जुड़ा है।

कई लोग तो मृतकों के नाम पर भी गेहूं उठा रहे है। जांच में यह खुलासा हुआ है। क्षेत्र में 2013 में खाद्य सुरक्षा में नाम जोडऩे का सर्वे हुआ था। तब से ये परिवार गेहूं ले रहे है। तब से इनकी रिकवरी होनी है। राज्य सरकार ने कलेक्टर और डीएसओ को खाद्य सुरक्षा, बीपीएल, अंत्योदय आदि का लाभ उठा रहे सरकारी कर्मचारियों का पता करने के निर्देश दिए थे।

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मार्च तक सर्वे चला। इसके बाद लॉकडाउन लगने से प्रशासन और रसद विभाग की प्राथमिकता भी बदल गई। विभाग जरूरतमंदों और कंटेनमेंट क्षेत्र प्रभावित लोगों को राशन सप्लाई में लग गया।

विभाग के अधिकारी-कर्मचारी काला बाजारी, अधिक वसूली, अवैध बेचान रोकना व निरीक्षण में लग गए। अब फिर से भ्रष्ट तरीके से गेहूं उठाने वालों की तलाश शुरू कर दी है। पूर्व में भी सभी सरकारी कर्मचारियों को स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता सूची से हटाने के बार-बार अवसर दिए जा चुके हैं लेकिन कर्मचारियों द्वारा उक्त सूची से नाम ना हटवाकर शासकीय की अवहेलना के साथ-साथ वित्तिय अनियमितताएं भी अपनाई गई हैं।

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क्षेत्र में हल्का पटवारी, गिरदावर, ग्राम विकास अधिकारी, राशन डीलर की रिपोर्ट के आधार पर बीडीओ व तहसीलदार कोटपूतली की अनुशंषा पर सरकारी कर्मचारियों, सेवानिवृत पेंशनर, सम्पन्न परिवार, निर्धारित सीमा से अधिक भूमि के किसानों व उनके परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा की पात्रता सूची में पाए गए थे।

चालान से जमा होगी राशि

नोटिस के बाद संबंधित कर्मचारी व अपात्र को चालान के माध्यम से राशि जमा करानी होगी। चालान की एक कॉपी डीएसओ कार्यालय में जमा करानी होगी। इस पर संबंधित सरकारी कर्मचारी के नाम के आगे जमा लिखा जाएगा। एसडीएम सुनीता मीणा का कहना है कि कोटपूतली उपखंड में बड़ी संख्या में अपात्र होते हुए भी खाद्य सुरक्षा का लाभ ले रहे थे।

11 ग्राम पंचायतों में होगी वसूली

एसडीएम सुनीता मीणा ने बताया कि ग्राम पंचायत खेड़की वीरभान में 15 जनों से 18 हजार 57 किलोग्राम के 4 लाख 87 हजार 539 रुपए, ग्राम पंचायत नांगल पण्डितपुरा में 13 जनों से 15 हजार 808 किलोग्राम के 4 लाख 26 हजार 816 रुपए, ग्राम पंचायत मोलाहेड़ा में 11 जनों से 14 हजार 553 किलोग्राम के 3 लाख 92 हजार 931 रुपए, ग्राम पंचायत रायकरणपुरा में 29 जनों से 30 हजार 493 किलोग्राम के 8 लाख 23 हजार 311 रुपए, ग्राम पंचायत चतुर्भुज में 30 जनों से 32 हजार 945 किलोग्राम के 8 लाख 89 हजार 515 रुपए, ग्राम पंचायत नारेहड़ा में 11 जनों से 8 हजार 95 किलोग्राम के 2 लाख 18 हजार 565 रुपए, ग्राम पंचायत देवता में 10 जनों से 12 हजार 266 किलोग्राम के 3 लाख 31 हजार 182 रुपए, ग्राम पंचायत गोनेड़ा में 38 जनों से 43 हजार 138 किलोग्राम के 11 लाख 63 हजार 646 रुपए, ग्राम पंचायत सुन्दरपुरा में 24 जनों से 30 हजार 899 किलोग्राम के 8 लाख 34 हजार 273 रुपए, ग्राम पंचायत कंवरपुरा में 13 जनों से 10 हजार 181 किलोग्राम के 2 लाख 74 हजार 887 रुपए एवं ग्राम पंचायत कल्याणपुरा खुर्द में 39 जनों से 54 हजार 838 किलोग्राम के 14 लाख 80 हजार 626 रुपए वसूले जाएंगे। इस प्रकार कुल 233 लोगों से 2712 क्विंटल गेहूं के 73 लाख 23 हजार 291 रुपयों की वसूली की जाएगी।