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राज्यपाल ने विज्ञान, तकनीकी तथा विशिष्ट ज्ञान के पाठ्यक्रम हिंदी में भी तैयार करने पर ज़ोर दिया

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राज्यपाल कलराज मिश्र ने विश्वविद्यालयों को अपने यहां विज्ञान एवं तकनीकी तथा विशिष्ट ज्ञान के क्षेत्रों के पाठ्यक्रम अंग्रेजी के साथ हिन्दी में भी विकसित किए जाने का आह्वान किया हैं। मिश्र आज राजभवन से मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर की ओर से आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ऑनलाइन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी में राज्य के 184 महाविद्यालयों के प्राचार्यों, संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष तथा कुलपतियों ने भाग लिया।

राज्यपाल ने मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय की ओर से एक दिन का मिशन कार्यक्रम के तहत एक दिन में परीक्षा करवा कर उसी दिन परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्णय को अनुकरणीय बताते हुए इस पर वृहद स्तर अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं को कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़े विषय विशेषज्ञों को अपने यहां बतौर अतिथि व्याख्यान के लिए बुलाने और उनसे विद्यार्थियों को रू.ब.रू कराने के साथ ही नियमित पाठ्यक्रमों को रुचिकर बनाने पर जोर दिया।

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उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान अपने यहां विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल लैब विकसित करें और राष्ट्रीय शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मिश्र ने शिक्षण संस्थाओं को अपने यहां नवीनतम शोध और अनुसंधान की ऐसी संस्कृति विकसित करने का भी आह्वान किया जिससे विद्यार्थी बहुत सारी किताबों के संदर्भ से एक पुस्तक तैयार करने की सोच की बजाय अपने स्वयं के अनुभव एवंअध्ययन से मौलिक स्थापनाओं की ओर प्रवृत हो सके।

मिश्र ने मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय की ओर से चार जिलों में एक साथ 100 से अधिक महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के 20 विषयों पर वेबिनार के आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए अपने सम्बद्ध 184 महाविद्यालयों में वरिष्ठ एल्यूमिनाई को सलाहकार बनाने की पहल की भी सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय को उदयपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, राजसमन्द क्षेत्रों के जनजातीय समाज को मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिए भी अपने स्तर पर प्रयास करने की बात भी कही।