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नेताओं ने अफसरशाही पर उठाए सवाल, पुराने कांग्रेसियों का दर्द भी छलका

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जयपुर: कांग्रेस सरकार की जमीनी हकीकत जानने और कार्यकर्ताओं के गिले-शिकवे सुनने के लिए शुरू किए गए संभागवार कार्यक्रम के तहत गुरुवार को पीसीसी में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन(rajasthan politics latest news ) ने जयपुर संभाग के फीडबैक लिया। माकन के साथ पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, सहप्रभारी विवेक बंसल और तरुण कुमार भी मौजूद रहे। अजमेर सम्भाग की बैठक में कार्यकर्ताओं की नारेबाजी घटनाओं को देखते हुए आज पीसीसी के बाहर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता लगाया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

माकन ने सबसे पहले जयपुर शहर के नेताओं से बात की। इसके बाद जयपुर देहात और संभाग के अन्य जिलों के नेताओं को सुना। फीडबैक के दौरान गहलोत और पायलट दोनों गुट के नेताओं ने अपनी बात रखी। फीडबैक में सत्ता और संगठन के लिए कई सुझाव सामने आने के साथ नेताओ ने सरकारी अफसरों को कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और अफसरों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तवज्जो नही देने के आरोप लगाए। वंही कुछ पुराने कांग्रेसियों ने भी खुद की उपेक्षा होने के आरोप लगाए।

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कांग्रेस नेता सुरेश मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं की एक थानेदार नही सुनता तो राज का इकबाल कैसे होगा। विधायक अमीन कागजी ने नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए तो पुष्पेंद्र भारद्वाज ने संगठनात्मक ढांचे में समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका देने की मांग रखी। पूर्व मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने कहा कि पुराने लोगों को सुनना चाहिए, जिन्होंने पार्टी के लिए समर्पण भाव से काम किया है।

सत्ता और संगठन दोनों को दिशा देने का काम करें। अर्चना शर्मा ने कहा कि गहलोत सरकार की योजनाओं का लाभ नीचे तक पहुंचना चाहिए। कोरोना कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने भी प्रशंषा की। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई काम हुए।

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कांग्रेस नेता सुशील शर्मा ने राजनीतिक नियुक्तियां जल्दी करने की मांग रखी तो अब्दुल रज्जाक भाटी ने राज में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नही होने की बात कही। जयपुर देहात के नेताओं की तरफ से भी इसी तरह का मिलाजुला फीडबैक सामने आया। अन्य जिलों के नेताओं ने भी सत्ता और संगठन के सम्बंध में ऐसे कई मुद्दे उठाए। अलवर,झुंझनु,सीकर और दौसा के फीडबैक में गहलोत और पायलट गुट के नेताओं ने अपने अपने नेताओं के समर्थन में बातें कही तो अफसरशाही पर यंहा भी सवाल उठे। ऐसे सवाल अजमेर सम्भाग की बैठक में भी सामने आए थे।

पायलट कैम्प पर टिकी है सबकी निगाहें

फीडबैक कार्यक्रम का आज गुरुवार को दूसरा दिन है। माकन आज जयपुर संभाग के जिलों के कांग्रेस नेताओं से प्रदेश कांग्रेस(Rajasthan politics latest news) कार्यालय में जिलेवार फीडबैक ले रहे हैं। सुबह 10.15 बजे से इसकी शुरूआत से जयपुर शहर के नेताओं की बैठक से हुई। इसके बाद 11 बजे जयपुर देहात की बैठक हुई। 12 बजे अलवर और 12.45 बजे से झुंझुनूं के नेताओं से चर्चा होगी। दोपहर बाद 3 बजे सीकर और 4 बजे दौसा जिले के कांग्रेस नेताओं से संवाद होगा।

जयपुर शहर से करीब 80 नेता आए

फीडबैक के लिए सबसे ज्यादा नेता जयपुर शहर और जयुपर देहात से ही आए क्योंकि जयपुर जिले में ही सबसे ज्यादा पार्टी पदाधिकारी रहते हैं। जयपुर शहर से करीब 80 और जयपुर देहात से 70 नेता फीडबैक कार्यक्रम में बुलाए गए। बाकी हर जिले से 50-50 के करीब नेताओं को बुलाया गया है। इनमें हर जिले से विधायक, विधायक उम्मीदवार, सांसद उम्मीदवार, एआईसीसी पदाधिकारी और सदस्य, पूर्व पीसीसी पदाधिकारी, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पीसीसी सदस्य और सहवृत सदस्य समेत प्रकोष्ठों के निवर्तमान प्रदेशाध्यक्षों को बुलाया गया है।

पायलट कैम्प पर निगाहें

जयपुर संभाग के फीडबैक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सचिन पायलट कैम्प के नेता भी आए। पायलट के पुराने निर्वाचन क्षेत्र दौसा से भी बड़ी संख्या में नेता फीडबैक देने आएंगे। पायलट कैम्प के नेताओं के रुख पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। अजमेर संभग के फीडबैक कार्यक्रम के दौरान जिस तरह पायलट कैम्प के समर्थकों ने नारेबाजी की उसके बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हैं। फीडबैक कार्यक्रम में सत्ता खेमे और पायलट कैम्प के नेताओं के रुख पर कांग्रेस की आगे की सियासत निर्भर करेगी।