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सियासी दावपेंच में फंसा प्रदेश कांग्रेस सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार

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  • राजनीतिक संकट दूर होने के बाद की जा रही थी जल्द बढ़ोत्तरी की उम्मीद

  • पायलट कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मिले 

जयपुर: प्रदेश में राजनीतिक संकट दूर होने के बाद जल्द ही उम्मीद की जा रही थी, कि अब कांग्रेस सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, लेकिन अब सियासी दावपेंच में फंसने के चलते प्रदेश कांग्रेस की गहलोत सरकार में कुछ विधायकों को मंत्री बनने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। गहलोत सरकार के विश्वासमत हासिल करने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनने की उम्मीद कर रहे विधायकों को कुछ महीने इंतजार करना पड़ सकता है।

कांग्रेस हाईकमान की योजना ये है कि राजस्थान कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी विस्तार से पहले सभी संभागों का दौरा कर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर फीडबैक लें और विस्तार से पहले प्रभारी भी अपनी रिपोर्ट दे दें।

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प्रभारी की रिपोर्ट भी कैबिनेट विस्तार में आधार बन सकती है। उधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पार्टी नेतृत्व पर यह दबाब बनाया जा रहा है कि जिन 102 विधायकों ने सरकार बचाने में भूमिका निभाई उन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिले।

गहलोत की ओर से ये भी तर्क दिया गया कि यदि पायलट समर्थकों को जगह देनी है तो फिर जल्दबाजी के बजाय नगर निकायों और पंचायत चुनाव तक काम का अवसर देकर परखना चाहिए।

पायलट अभी चाहते है

जानकारी के अनुसार कांग्रेस आलाकमान और न ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तत्काल मंत्रिमंडल का विस्तार चाहते हैं। गहलोत स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनाव तक यानी करीब पांच महीने तक विस्तार टालना चाहते हैं। वहीं सचिन पायलट मंत्रिमंडल का विस्तार तत्काल चाहते हैं ताकि अपने समर्थकों को मंत्रिमंडल में जगह दिलाई जा सके।

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वहीं पायलट हाल ही में कांग्रेस नेता अहमद पटेल से मिले और मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द करवाने पर चर्चा की। कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन ने इस मसले पर प्रियंका गांधी से मुलाकात भी की है।

ताकत का अहसास

पायलट कैबिनेट से हटाए गए अपने समर्थक विधायकों को वापस मंत्रिमंडल में जगह दिलवाने के साथ ही अपने कोटे से और मंत्री बनवाकर कांग्रेस के अंदर और जनता में अपनी ताकत का संदेश देना चाहते हैं।

हालांकि पार्टी नेतृत्व इस कवायद में है कि खुद पायलट को ही फिर सरकार में शामिल होने के लिए तैयार किया जाए ताकि राजस्थान में अस्थिरता के बादल छंटे।