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राजस्थान श्रमिक स्पेशल बस चलाने वाला देश का पहला राज्य बना, पहले दिन 54 बसें हुईं रवाना

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लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनकी राज्य सरकारें लाने की कोशिशों में जुटी हुई हैं. रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है. इस बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन की तर्ज पर राजस्थान देश में श्रमिक स्पेशल बस चलाने वाला पहला राज्य बन गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर रोडवेज ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर मंगलवार से इसकी शुरुआत कर दी है. पहले ही दिन रोडवेज ने 54 बसों का संचालन कर करीब 3 हज़ार श्रमिकों को विभिन्न राज्यों के लिए रवाना किया.

श्रमिक ट्रेन की तर्ज पर शुरू की गई यह श्रमिक स्पेशल बसें वहां संचालित हो रही हैं, जहां श्रमिक स्पेशल ट्रेन का रूट नहीं बन पा रहा है. ऐसे मार्गों पर श्रमिक स्पेशल बसों के जरिए मजदूरों को फ्री में सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. मंगलवार से पहले चरण में रोडवेज ने उत्तर प्रदेश के लिए 31, उत्तराखंड के लिए 17, मध्य प्रदेश के लिए 6 और हिमाचल प्रदेश के लिए 1 बस को रवाना किया. वहीं, अगले चरण में दिल्ली, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में अलग-अलग शहरों के लिए भी ये बसें चलाई जाएंगी.

श्रमिक स्पेशल बसों के संचालन से पहले राजस्थान रोडवेज राज्य और पड़ाेसी राज्यों की सीमाओं में करीब 3 लाख 7 हज़ार लोगों को उनके गंतव्‍य तक पहुंचा चुकी है. रोडवेज ने लॉकडाउन 3.0 खत्म होने के साथ ही 3 लाख लोगों को परिवहन करवाने का आंकड़ा छू लिया था. इसमें 1,12,285 प्रवासियों को उनके राज्य की सीमाओं तक पहुंचाना और राज्य की सीमा पर पहुंचे कुल 58,425 लोगों उनके घर तक पहुंचाना शामिल है.

साथ ही 23 मार्च से लेकर 17 मई तक रोडवेज ने 1,28,592 लोगों को राज्य के अंदर परिवहन सेवा उपलब्ध करवाई है. इसमें करीब 62 हज़ार लोग ऐसे थे जो रोजगार, पढ़ाई और अन्य कारणों से अपने घर से दूर राज्य के अलग-अलग जिलों में फंसे हुए थे. इसके अलावा रोडवेज ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों व अन्य को स्टेशन से उनके घर पहुंचाने का काम भी किया.