Rajasthan Exclusive > राजस्थान > राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल जयपुर में 10-12 के छात्राको परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल जयपुर में 10-12 के छात्राको परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा

0
190
  • महिला अधिकारिता विभाग करेगा शुल्क वहन

  • महिला अधिकारिता विभाग एवं रा.स्टेट ओपन स्कूल जयपुर के बीच एमओयू

जयपुर: राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल जयपुर में 10वीं एवं 12 वीं की पढाई करने वाली छात्राओं को अब परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा।

महिला अधिकारिता विभाग एवं स्टेट ओपन स्कूल जयपुर की ओर से इस संबंध में एमओयू किया गया है।

इस एमओयू के अनुसार ‘‘इंदिरा महिला शक्ति प्रशिक्षण और कौशल संवर्द्धन योजना शिक्षा सेतु’’’ के तहत शिक्षा सत्र 2020-21 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं से प्रवेश शुल्क, पुनः प्रवेश शुल्क, आंशिक शुल्क, परीक्षा शुल्क, प्रायोगिक विषय शुल्क, अग्रेषण प्रवेश शुल्क, सैद्धान्तिक और प्रायोगिक प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।

बालिकाओं की ओर से यह शुल्क महिला अधिकारिता विभााग वहन करेगा।

उप निदेशक महिला अधिकारिता डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि 10वीं की परीक्षा में न्यूनतम 14 वर्ष व 12वी की परीक्षा के लिए न्यूनतम 15 वर्ष तक की बालिका पंजीयन करवा सकती है।

यह भी पढे: सांसद रामचरण बोहरा द्वारा राजस्थान परिमण्डल के डाकघरों में हुआ सघन वृक्षारोपण

आयु में कोई अधिकतम सीमा नही है। उन्होने बताया कि माध्यमिक शिक्षा पाठ्यक्रम में महिला अभ्यर्थी वाले वर्ग के लिए प्रवेश शुल्क 1225 रूपए एवं उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम के लिए 1475 है।

पुनःप्रवेष, आंशिक प्रवेश, आईटीआई हेतु पंजीयन एवं परीक्षा शुल्क प्रति विषय माध्यमिक पाठ्यक्रम के लिए 530 रुपए एवं उच्च माध्यमिक के लिए 590 रुपए है।

दोनों पाठ्यक्रमों में प्रायोगिक विषय शुल्क प्रति विषय 120 रुपए एवं अग्रेषण शुल्क 50 रुपए है। इन सभी शुल्कों का पुनर्भरण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

डोगीवाल ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रमों में प्रति विषय सैद्धान्तिक परीक्षा शुल्क 150 रुपए, प्रायोगिक परीक्षा शुल्क 60 रुपए एवं अग्रेषण शुल्क प्रति अभ्यर्थी 5 रुपए है।

इनका भी पुनर्भरण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वार किया जाएगा।

टीओसी और फार्म ऑनलाइन करने की लगेगी फीस

डॉ. डोगीवाल ने बताया कि बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त विषय शुल्क, टीओसी आवेदन पत्र ऑनलाइन करने का शुल्क छात्राओं को स्वयं वहन करना होगा।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा की सर्वसुलभता एवं सहजता के लिए राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की स्थापना 21 मार्च 2005 में की गई।

यह भी पढे:  निजी स्कूल संचालक और सरकार जीद को छोड़े, अभिभावकों की मजबूरी को समझे

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल, स्कूल से बाहर के सीखने के संसााधनों की औपचारिक सहायता देने का माध्यम है।

सभी संदर्भ केन्द्रों पर समान रूप से लागू होगे शुल्क व प्रवेश आदि नियम

जो विद्यार्थी किन्ही कारणों से अपनी पढाई बीच में छोड चुके है या पढाई शुरू ही नहीं कर पाये हों, उनके लिए स्टेट ओपन स्कूल घर रहकर 10वीं या 12 वी बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने का विकल्प उपलब्ध करवाता है।

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जिले के प्रत्येक तहसील, मुख्यालय पर संदर्भ केन्द्र संचालित है।

बोर्ड के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी संदर्भ केन्द्रों पर शुल्क व प्रवेश आदि नियम समान रूप से लागू होते हैं। इस सत्र में छात्राओं को शुल्क में छूट भी प्रदान की गई है।

संदर्भ केन्द्रों की सूची एवं विस्तृत जानकारी वेबसाईट www.wcd.rajasthan.gov.in एवं www.education.rajasthan.gov.in/ rsosपर उपलब्ध है।