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शासक दल विधानसभा के प्रति नहीं है गंभीर—राठौड़

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राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद राठौड़ ने विशेष उल्लेख के प्रस्तावों का लिखित जवाब समय पर नहीं मिलने का मामला उठाया। राठौड़ ने कहा कि 295 के तहत विधायक जो विशेष उल्लेख के प्रस्ताव रखते हैं, उनका समय पर जवाब नहीं मिलता। ये प्रस्ताव इसलिए रखे जाते हैं, ताकि विधायक की बात शासन तक चली जाए, लेकिन अफसोस के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि शासक दल विधानसभा के प्रति गंभीर नहीं है। इन प्रस्तावों के लिखित उत्तर आने की परंपरा खत्म सी हो गई है। उन्होंने कहा कि स्पीकर व्यवस्था कर दें कि इन प्रस्तावों का चलते सत्र में जवाब नहीं मिले तो कम से कम एक निश्चित अवधि में विधायक के पास लिखित जवाब पहुंच जाए। विधायकों द्वारा पूर्व रखे गए प्रस्तावों के अब जाकर जवाब आ रहे हैं।

इस पर धारीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय भी जवाब देती से आता था। जवाब में देर हो रही है लेकिन जवाब जरूर आएंगे। उन्होंने पूछा कि आप तो संख्या बता दें जिन प्रस्तावों का जवाब नहीं आया है। धारीवाल ने कहा कि कई बार प्रश्न—प्रश्न का फर्क पड़ता है। अगर एक ही विभाग से संबंधित प्रश्न होते हैं तो जल्द जवाब आ जाता है। इस बार भी जवाब आएंगे, भले ही देर लगे।

आपकी ओर से स्थगन प्रस्ताव के जरिए लगातार सरकार के खिलाफ बोला जा रहा है, फिर भी हम जवाब दे रहे हैं। आपकी सरकार ने जो व्यवस्थाएं बिगाड़ी थीं, उन्हें सुधारने का काम ही किया जा रहा है।