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विश्वस्तरीय अकादमिक संस्थानों के रूप में विकसित हों विवि: राज्यपाल

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राज्यपाल कलराज मिश्र ने आह्वान किया है कि विश्वविद्यालय नवाचारों पर ध्यान देते हुए अपने यहां नवाचार केन्द्र विकसित करने की पहल करें। मिश्र शुक्रवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षान्त समारोह एवं 75वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी तथा प्रशासन एक अभियान की तरह कार्य करें।

उन्होंने कोविड का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में ऑनलाइन शिक्षा के अवसर तेजी से बढ़े हैं, इसलिए विवि के प्राध्यापकों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की सहायता से अद्यतन शिक्षा पद्धति का विकास करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सुझावों को ध्यान में रखते हुए बहुत से विश्वविद्यालयों ने रोजगारपरक पाठ्यक्रम तैयार करने की पहल की है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि आज स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक है जो देश में आ रहे बदलाव और प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने तकनीकी, वैज्ञानिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विद्यार्थियों को स्वयं को इस प्रकार विकसित करने पर ज़ोर दिया जिससे भविष्य में राजस्थान विश्वविद्यालय देशभर में आदर्श मॉडल के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाए। कुलाधिपति मिश्र ने दीक्षांत समारोह में शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि तथा विभिन्न संकायों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र.छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने दीक्षांत उद्बोधन से पूर्व अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की उद्देशिका और संविधान के अनुच्छेद 51 (क) में वर्णित मूल कर्तव्यों का वाचन भी करवाया।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस के तहत देश के शीर्ष पन्द्रह विश्वविद्यालयों में चयनित होने पर खुशी जाहिर की।