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कोरोना रोगियों के लिए केंद्र से रेलवे कोच की मांग करें मुख्यमंत्री: कर्नल राज्यवर्धन

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ग्रामीण के सांसद कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ (Rajyavardhan appeal cm gehlot) ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि वे केंद्र से रेलवे कोच उपलब्ध कराने की मांग करें। राठौड़ (Rajyavardhan appeal cm gehlot) ने कहा कि प्रदेश में कोरोना रोगियों के लिए अस्पतालों में अव्यवस्था, आईसीयू बेड और ऑक्सीजन की कमी लगातार सुर्खियां बनी हुई है ऐसे में रेलवे कोच की व्यवस्था होने से उन्हे अस्थाई अस्पतालों में बदला जा सकता है, जिससे कोरोना रोगियों को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकेगी।

उन्होंने कहा (Rajyavardhan appeal cm gehlot) कि लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश में ऑक्सीजन बनाने का प्लांट भी लगाना आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार पोर्टल तैयार करने की भी मांग की।

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गौरतलब है कि (Rajyavardhan appeal cm gehlot) पूर्व में कर्नल राज्यवर्धन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कोरोना महामारी से निपटने के लिए सुझाव दिए थे और ट्वीट करके अवगत करवाया था कि वे केन्द्र सरकार से कोविड-19 रेलवे कोच की व्यवस्था के लिए अनुरोध करें किन्तु प्रदेश की सरकार ने इसको गम्भीरता से नहीं लिया कर्नल राज्यवर्धन ने (Rajyavardhan appeal cm gehlot) कहा कि प्रदेश में कोरोना की गम्भीर स्थिति तथा अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी के सबंध में अनेक ट्वीट प्राप्त हुए है जिनका संज्ञान लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से पुनः अनुरोध किया कि वे केन्द्र सरकार से कोरोना की रोकथाम के लिए रेलवे कोच की मांग करें जिससे कोरोना महामारी से लड़ा जा सके।

काम में देरी होने पर जिम्मेदारों के विरूद्ध होगी कार्रवाई: जे डी ए आयुक्त

जेडीए में लीजडीड, नाम हस्तांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, 90ए और 90बी आदि के ऑनलाइन प्रकरणों का समय पर निस्तारण होगा। अगर प्रकरणों के निस्तारण में देरी की गई तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने मंगलवार को लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए। बैठक में विधानसभा, लोकायुक्त और कोर्ट के लंबित प्रकरणों पर भी चर्चा की गई।

जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने बताया कि नागरिक सेवा केंद्र में दर्ज होने वाले ऑनलाइन प्रकरणों में लीजडीड, नाम हस्तांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, 90ए और 90बी आदि के लंबित प्रकरणों का निस्तारण समय सीमा में किए जाने के निर्देश दिए गए। जिस स्तर पर प्रकरण में देरी हो रही है,

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उस स्तर के अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जेडीसी ने बैठक में अधिकारियों को डीटीएस, लोकायुक्त, मानवाधिकार, विधानसभा, न्यायालय में लंबित प्रकरण, लैंड बैंक, रिकॉर्ड संधारण, जेडीए भूमि/सपंत्ति, अतिक्रमण आदि प्रकरणों को भी जल्दी से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

गौरव गोयल ने जेडीए की नई चार आवासीय योजनाओं में किए जा रहे विकास कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं में अप्रोच सडक, स्ट्रीट लाइट्स, बिजली, पेयजल और सीवर आदि कार्यो को तीव्र गति से करने के निर्देश दिए।

जेडीसी ने बताया कि जयपुर शहर में हो रहे अवैध निर्माणो-अतिक्रमणों पर प्राप्त शिकायतों और इसकी उचित रोकथाम के लिए जोन तथा प्रवर्तन शाखा में सामंजस्य के लिए प्रक्रियाओं के स्तर तय किये जाएंगे और ऑनलाइन सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके लिए जेडीए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा।

फ्लाइंग स्कवॉड के साथ रहें केंद्राधीक्षक

परीक्षा के समय चैकिंग के दौरान स्थानीय फ्लाइंग स्क वॉड के साथ केंद्राधीक्षक, अतिरिक्त केंद्राधीक्षक और सहायक केंद्राधीक्षक का होना जरूरी होगा। कॉलेज शिक्षा का कहना है कि देखने में आया है कि कॉलेज की फ्लाइंग स्कवॉड के सदस्य कक्षा कक्षों की जांच कर स्टाफ रूम में या किसी भी जगह एक साथ बैठ जाते हैं, जो सही नहीं है इसलिए जरूरी है कि स्कवॉड के सदस्य चैकिंग करने के बाद अलग अलग विंग में जाकर परीक्षा के सफल संचालन को सुनिश्चित करें।