Rajasthan Exclusive > राजस्थान > रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज भी किया दो घंटे कार्य बहिष्कार किया

रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज भी किया दो घंटे कार्य बहिष्कार किया

0
61
  • राज्य सरकार के साथ मांगों पर सहमति नहीं बनने पर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया

  • रेजिडेंट के कार्य बहिष्कार से मरीजों को हुई भारी परेशानी

जयपुर: जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स जार्ड ने मंगलवार को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार का किया। इससे पहले सोमवार को रेजिडेट डॉक्टरों ने जयपुर में काली पट्टी बांधकर 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को कार्य बहिष्कार से मुक्त रखा गया लेकिन ओपीडी और आईपीडी में 8:00 से 10:00 तक मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे वही 1 दिन पहले राज्य सरकार के साथ रेजिडेंट डॉक्टरों की वार्ता हुई जिसमें कोई सकारात्मक सहमति नहीं बनी। (Resident doctors in jaipur boycott work)

रेजिडेंट्स का कहना है कि आज फिर जीबीएम आयोजित कर आंदोलन के अगले चरण का निर्णय लिया जाएगा जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जाने का कठोर निर्णय लिया जा सकता हैजार्ड के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक विश्नोई ने बताया कि मंगलवार को सरकार संवदेनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो रेजिडेट डॉक्टरों को कडा कदम उठाने पर मजबूर होना पडेगा। (Resident doctors in jaipur boycott work)

यह भी पढे: जोधपुर जिले में सर्वाधिक 6 सरपंच निर्विरोध चुने गए, 5388 उम्मीदवार बचे मैदान में

उन्होंने बताया कि इससे पहले दिन में राज्य सरकार के साथ बैठक हुई थी। बैठक में मांगों को लेकर कोई भी सकारात्मक हल नहीं निकला। इसके बाद आगे की रणनीति के लिए जीबीएम बुलाई गई। इसमें सभी मांगे नहीं माने जाने तक दो घंटे कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया। (Resident doctors in jaipur boycott work)

कोरोना काल में रेजिडेंट डॉक्टर्स पर काम का बहुत ज्यादा दबाव है ऐसे में रेजिडेंट्स कोरोनावायरस से  संक्रमित भी हो रहे हैं। ऐसे में हमारी चिकित्सा मंत्री और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से मांग है कि रेजिडेंट के लिए रहने खाने और दवाइयों का उचित प्रबंध किया जाए। (Resident doctors in jaipur boycott work)

यह भी पढे: कृषि अध्यादेशों के खिलाफ 10 अक्टूबर तक कांग्रेस का हल्ला बोल

कॉविड ड्यूटी इंसेंटिव भी दिया जाए। वहीं आईडीएच में 50 फीसदी बेड आईसीयू और वेंटिलेटर के साथ रिजर्व रखे जाएं। इन प्रमुख मांगों को लेकर हमारी चिकित्सा मंत्री और चिकित्सा शिक्षा सचिव से वार्ता भी हो चुकी है लेकिन वार्ता में सिर्फ मौखिक आश्वासन ही मिला है। ऐसे में हमें मांगे पूरी होने पर संशय है। इसलिए हमारी मांग है कि हमें लिखित में ऑर्डर दिया जाए। (Resident doctors in jaipur boycott work)

 

(प्रतिकात्मक तसवीर)