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राजस्थान में 10वीं की किताब में महाराणा प्रताप के अपमान पर भड़का राजपरिवार

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राजस्थान बोर्ड ओफ सीनियर सेकेंडर एजुकेशन की तरफ से लाई गई किताब में हल्दीघाटी लड़ाई को लेकर दो अलग-अलग बातें हैं. 10वीं की किताब में महाराणा प्रताप के बारे में गलत जानकारी और तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किए जाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के राजपूत समुदाय और नेताओं के गुस्से से भड़का दिया है.

10वीं की सामाजिक विज्ञान की किताब- ‘राजस्थान के इतिहास और संस्कृति’ में हल्दीघाटी की लड़ाई के बारे में बताया गया है कि ये लड़ाई राणा प्रताप हार गए थे. किताब के पहले अध्याय का शीर्षक है- ‘हिस्ट्री ऑफ राजस्थान: इस युद्ध का परिणाम नहीं निकल सका’. इसमें कहा गया है कि अकबर मेवार को किसी भी कीमत पर अपने नियंत्रण में लेना चाहता था और उसने महाराणा प्रताप से समझौता करने की भी कोशिशें की. लेकिन, महाराणा प्रताप ने इस समझौते को ठुकरा कर मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. इस अध्याय में बताया गया कि कैसे लड़ाई का नाम हल्दीघाटी पड़ा क्योंकि कई नव विवाहिताओं ने इस युद्ध में लड़ाई लड़कर अपनी कुर्बानी दी.

राजस्थान बोर्ड की इस किताब पर बीजेपी सांसद और जयपुर राजघराने की पूर्व वंशज दिया कुमारी ने कहा, “कांग्रेस सरकार के इतिहासकारों ने महाराणा उदय सिंह, महाराणा प्रताप सिंह और हल्दीघाटी का अपमान किया है… इतिहास के साथ छेड़छाड़ सिर्फ कांग्रेस शासन में हुआ है.”

अशोक गहलोत सरकार में राजपूत मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने ट्विटर पर महाराणा प्रताप के बारे में गलत तथ्यों का विरोध किया है. उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट में लिखा- इतिहास के साथ कोई भी छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमारे हीरो का इतिहास हमारे लिए महत्वपूर्ण है और इसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है.