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सचिन पायलट ने देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया

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पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में जीडीपी में हुई नकारात्मक वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की है.

उन्होंने इसके लिए केन्द्र सरकार की दोषपूर्ण आर्थिक नीतियों एवं वित्तीय कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया हैं.

पायलट ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है.

जो कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही चिंताजनक है.

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पायलट ने कहा कि पिछले 24 वर्षों में जीडीपी की यह सबसे बड़ी गिरावट है.

विश्व की प्रमुख देशों की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल सर्विस तथा यूटिलिटी सेक्टर में क्रमश 5.3 व 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जिसे संतोषजनक कहा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का फैसला ले लिया, जिसका सीधा असर असंगठित क्षेत्र पर पड़ा.

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आर्थिक गतिविधियां एकदम बंद हो गई तथा सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ जनता को नहीं मिल पाया जिस कारण जीडीपी में इतनी भारी गिरावट दर्ज की गई है.

पायलट ने कहा कि जीडीपी के आंकडों से साबित हो गया है कि देश की अर्थव्यवस्था ऐसे दौर में पहुंच गई है.

जिसका बहुत बुरा प्रभाव आगामी समय में मजदूर, किसान, नौजवान सहित आम आदमी पर पड़ने वाला है.

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को शीघ्र ही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

कार्यकर्ताओं में पकड़ करेंगे मजबूत, समर्थकों को भी सक्रिय करेंगे पायलट

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने समर्थकों को एकजुट करने की कवायद में जुटे हैं।

उन्होंने अपने समर्थकों से टेलिफोन पर संपर्क साधना शुरू कर दिया हैं।

इसके साथ ही पायलट के खास विधायक लगातार कार्यकर्ताओं से संपर्क साध रहे हैं।

पायलट प्रदेश की यात्रा करेंगेऔर प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौर करके अपने समर्थकों से बात करेंगे तथा अपनी पकड़ को और अधिक मजूत करने का कार्य करेंगे।

इसकी शुरूआत पूर्वी राजस्थान से होगी।

पूर्वी राजस्थान के आधा दर्जन जिलों में पायलट की पकड़ मजबूत है।

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इन जिलों में गुर्जर और मीणा मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं।

इनमें टोंक, दौसा,करौली,सवाईमाधोपुर,भरतपुर व अलवर जिले शामिल है।

पायलट फिलहाल सरकार में है और न ही संगठन में हैं।

अभी वे कांग्रेस के नेता और विधायक जरुर हैं।

ऐसे में पायलट के इन दौरों के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

क्या पायलट बगावत और घर वापसी के बाद जनता के बीच अपने समर्थन का पारा नापने के लिए दौरे करेंगे,

या दौरों से जनसमस्याएं सुनकर गहलोत और अपनी ही पार्टी की सरकार पर जनता के काम का दबाब बनाएंगे।