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लॉकडाउन को लेकर मुख्यमंत्री ने लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय

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जयपुर: राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी की परिस्थिति में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि के दौरान विक्रय किए गए ओम्नी बस श्रेणी के स्पयेर परिवहन वाहनों के लिये देय मोटरयान कर (मोटर व्हीकल टैक्स) में छूट देने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग तथा परिवहन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का अनुमोदन कर यह संवेदनशील निर्णय लिया है।

प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान परमिट जारी नहीं होने के चलते किसी भी परमिट श्रेणी में सूचीबद्ध नहीं होने वाले 8 एवं अधिक बैठक क्षमता के ओम्नी बस श्रेणी के वाहनों को 1 अप्रेल से 30 जून 2020 की अवधि के लिए देय मोटरयान कर में पूर्ण छूट दी जाएगी।

साथ ही, इन वाहनों को जुलाई 2020 के लिये देय कर में 75 प्रतिशत छूट दी जायेगी।

ज्ञातव्य है कि प्रसंगगत अवधि में परमिटशुदा बसों के लिए इस प्रकार की कर छूट पूर्व में 24 जून 2020 को प्रदान कर दी गई थी।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय से प्रदेश में लगभग 425 स्पेयर वाहनों के स्वामियों को लाभ मिलेगा और राजकोष पर 2.05 करोड़ रुपए का भार आएगा।

सीएचओ के 6310 पदों पर होगी भर्ती

प्रदेश के सभी जिलों में ब्लॉक स्तर तक संचालित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के 6310 पदों पर संविदा आधार पर भर्ती जल्द की जाएगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

इस निर्णय से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।

प्रस्ताव के अनुसार, आयुष्मान भारत अभियान के तहत प्रदेश में उप-स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को वर्ष 2022 तक हैल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर के रूप में क्रियाशील किया जाना है।

इस क्रम में वर्ष 2019-20 के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए सीएचओ के 2310 संविदा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया विज्ञप्ति जारी होने के बाद स्थगित कर दी गई थी।

उक्त पदों सहित वर्ष 2020-21 के दौरान स्वीकृत सीएचओ के 4000 नए संविदा पदों पर अब शीघ्र भर्ती की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सीएचओ के कुल 6310 पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती करने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।

उक्त संविदा कार्मिकों को एनएचएम के परियोजना परिपालन योजना के प्रावधानों के तहत मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि देय होंगे।

सीएचओ के पद पर संविदा सेवाएं पीआईपी की अवधि तक जारी रह सकेंगी।

बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि 50 प्रतिशत कम

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2020-21 की शेष अवधि के लिए माल, सेवाओं एवं संकर्मों के उपापन पर राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियमों के तहत बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि को 50 प्रतिशत कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।

गहलोत के इस निर्णय से सार्वजनिक निर्माण की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं की निविदाओं में आने वाली परेशानी दूर होगी।

कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में संवेदकों को कम बिड सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस सिक्योरिटी होने से कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होगी एवं राहत मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि सीएस की अध्यक्षता में गठित सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की टास्क फोर्स ने नियमों में अंकित राशि को 50 फीसदी कम करने का सुझाव दिया था।