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चिकित्सक पूर्णसंवेदनशीलता से करें कोरोना मरीजों का ईलाज: डॉ. सुभाष गर्ग

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जयपुर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भरतपुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं आरबीएम चिकित्सालय भरतपुर में नॉन—कोविड गहन चिकित्सा इकाई, मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम(ऑक्सीजन मैनी फोल्ड ),03 नई डायलिसिस मशीनों,डे केयर कैंसर कीमोथैरेपी इकाई,नॉन-कोविड उच्च निर्भरता इकाई(एच.डी.यू.),कोविड मरीज एग्जामिनेशन चैंबर तथा 500 एम ए डिजिटल एक्स-रे मशीन का ऑनलाइन लोकर्पण किया।

88 लाख 46 हजार रुपये की लागत से विकसित की अतिविषिष्ट चिकित्सा सेवाओं एवं आधुनिक मशीनों का ऑनलाइन लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि भरतपुर में मेडिकल सुविधाओं के विकास में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे पूर्णसंवेदनशीलता से करें मरीजों का ईलाज करें।

डॉ.गर्ग ने अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताया कि भरतपुर मेडीकल कोलेज सहित राज्य के मेडीकल कौलेजों को द्वितीय चरण के लिए 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। इस राशि से भरतपुर मेडीकल कौलेज में अन्य उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं विकसित होंगी।

उन्होंने जिला कलक्टर एवं मेडीकल कौलेज के प्राचार्य को निर्देश दिये कि मेडीकल कौलेज के पास बनने वाले ट्रोमा सेन्टर के निर्माण के कार्य को शीघ्र प्रारंभ करायें।

चिकित्सा राज्यमंत्री ने कहा कि मेरा सपना है कि आरबीएम चिकित्सालय को संभागीय स्तर पर उच्चकोटी का चिकित्सालय बनाया जाए। भरतपुर से हमारे लोगों को ईलाज के लिए जयपुर न जाना पड़े, उन्हें आगरा,मथुरा या दिल्ली न जाना पड़े हम भरतपुर में ऐसी चिकित्सा सुविधाएं विकसित करें।

मेट्रोलॉजी यूनिट,सुपरस्पेशलिटी यूनिट,न्यूरो सर्जरी,न्यूरो फिजिशियन,ट्रोमा सेन्टर विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 73 लाख रूपये चिकित्सालय में लिफ्ट कार्य के लिए स्वीकृत किए हैं। भरतपुर चिकित्सालय राज्य स्तरीय चिकित्सालय के रूप में विकसित हो इसके लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी है।

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डॉ. गर्ग ने कहा कि कोरोना काल जैसी चुनौतिपूर्ण स्थिति में हमारे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दूरदर्शिता और पूर्ण तत्परता से कार्य करते हुए आमजन को राहत पहुंचाई। उन्होंने इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉं. रघु शर्मा का भी आभार जताया और कहा कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के प्रयासों से राजस्थान देश और दुनिया में एक मॉडल के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के चुनौतिपूर्ण समय में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक दिन कोई कोई जन कल्याण का घोषणा की,निर्णय लिए और उनका क्रियान्वयन किया।

राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य में सुशासन के संकल्प को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी इस वैश्विक महामारी के काल में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, किसी व्यक्ति की कोरोनो की वजह से मौत न हो इसके लिए हम राज्य में निरोगी राजस्थान के संकल्प को साकार करने में निरंतर कार्य कर रहे हैं।

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चिकित्सा राज्य मंत्री ने बताया कि भरतपुर के जिला अस्पताल में आधुनिक उपकरण एवं बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उन्होंने विधायक निधि से 2 करोड़ 25 लाख एवं राज्य सरकार से 73 लाख रुपये मुहैया कराये हैं। चूंकि भरतपुर जिला अस्पताल में पूरे जिले के रोगियों का इलाज होता है ऐसी स्थिति में जिले के सभी विधायकों से विधायक निधि से चिकित्सालय के लिए आवश्यक राशि मुहैया कराने के लिए पत्र भी लिखे गये।

जिसके परिणामस्वरूप कुछ विधायकों ने राशि मुहैया कराने की अभिशंषा भी की है। उन्होंने अन्य विधायकों से भी राशि मुहैया कराने का आह्वान किया।

डॉ. गर्ग ने चिकित्सा कर्मियों को और जिला प्रशासन को प्रेरित करते हुए कहा कि कोरोना से निपटने में सभी लोग अच्छा कार्य कर रहे हैं। बढ़ते कोरोना में हमारी सर्वाइवल रेट अच्छी है,रिकवरी रेट अच्छी है। इस चुनौति का सामना करने के लिए कोरोना मरीज का अधिक सतर्कता से ईलाज एवं संवेदनशीलता के साथ ईलाज किया जाए।

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चिकित्सक विशेष रूप से ध्यान देकर मरीजो की समय पर देखभाल करें उनको समय पर दवाई देकर उचित उपचार प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जैसे एक कोटेशन जो आपने दिया है कि अच्छा फिजिशियन बिमारी का ईलाज करता लेकिन श्रेष्ट फिजिशियन बीमार का ईलाज करता है।

उन्होंने कहा कि सभी चिकित्साकर्मी इसी ध्येय वाक्य का अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम परिवार के सदस्यों के बीमार होने पर संवेदनशील होते हैं उसी संवेदनशीलता आम मरीजो के साथ व्यवहार किया जाना आवश्यक है। आम आदमी को त्वरित गति से अटेन्ड किया जाए। इमरजेंसी सेवाएं बीमारों को त्वरित राहत प्रदान करें इसका हम सभी को प्रयास करना होगा।