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विश्व पर्यटन दिवस पर राजस्थान ने पर्यटन प्रेमियो को दिया संदेश

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सैर-सपाटे के जोश और जुनून का जश्‍न मनाने के लिए, इस साल काविड 19 के बीच 27 सितंबर को विश्‍व पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम श्पर्यटन और ग्रामीण विकासश् है। दुनिया भर में इस थीम के आधार पर पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है और राजस्‍थान सरकार की नई पर्यटन नीति भी इस थीम के अनुरूप है जिसमें रूरल और रूट्स टूरिज्‍म पर प्रमुखता से जोर दिया गया है।

इस नीति में नये-नये पर्यटन उत्‍पादों एवं सेवाओं का प्रावधान है जो विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की अप्रसिद्व जगहों पर केंद्रित है। राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री, अशोक गहलोत ने भी ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था की बेहतरी के लिए गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु निर्देश दिये हैं।

कोविड-19 महामारी ने पर्यटन क्षेत्र को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसे और भी अधिक ढांचागत सहायता की जरूरत है। राजस्‍थान पर्यटन नीति 2020 में इसके हेतु भी प्रावधान है। नये-नये पर्यटन स्‍थलों के विकास में नये निवेश को प्रोत्‍साहन देने वाली, इस नीति में ढांचागत सहायता को मजबूत बनाने और सड़कमार्ग, रेलमार्ग व वायुमार्ग की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर पर जोर है।

प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा एवं संरक्षा पर भी अतिरिक्‍त रूप से बल दिये जाने की आवश्‍यकता है। इस प्रकार, यह नीति इस प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को सक्षम बनाने हेतु अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रही है। इस नीति में स्‍थानीय शिल्‍प और व्‍यंजनों को भी बढ़ावा दिया गया है।

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राजस्‍थान सरकार के प्रमुख सचिव-पर्यटन, आलोक गुप्‍ता बताते हैं, श्कोविड-19 ने दुनिया भर में यात्रा एवं पर्यटन से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका को प्रभावित किया है। राजस्‍थान सरकार, प्रदेश में इसके प्रभाव को कम-से-कम करने की दिशा में कारगर तरीके से काम कर रही है, सरकार की नई पर्यटन नीति शुरू की गई।

स्थिति में ढील दिये जाने और भारत का अनलॉक चरणों में प्रवेश के साथ, यह जरूरी हो गया है कि पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाओं में परिवर्तन किया जाये और इन्‍हें नये मानकों के अनुरूप बनाया जाये।श्

राज्‍य सरकार ने कोविड के प्रभाव को ध्‍यान में रखते हुए मौजूदा पर्यटन व्‍यवसाय को अनेक राहत प्रदान किये हैं। इसी बीच, पर्यटन विभाग ने ऐसी रणनीतियां बनाई हैं जिनसे वर्तमान परिस्थितियों के बीच सुरक्षित पर्यटन सुनिश्चित किया जा सके और इस हेतु, सरकार ने एसओपी जारी किये हैं।

पर्यटन स्‍थलों और स्‍मारकों को न केवल नियमित रूप से सैनिटाइज किया जा रहा है बल्कि प्रबंधन कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को भी पर्यटन स्‍थलों पर सोशल डिस्‍टेंसिंग और अन्‍य नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

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नई नीति में ष्सामाजिक जागरूकताष् और ष्स्‍वच्‍छताष् पर विषेश ध्यान दिया गया है। पर्यटन स्‍थलों पर साफ-सफाई और स्‍वच्‍छता सुनिश्चित करने हेतु, विभिन्‍न स्‍मारकों, 20 वन्‍यजीव अभयारण्यों और अन्‍य पर्यटन स्‍थलों पर सामाजिक जागरूकता पहलें और सफाई के मानकों की बेंचमार्किंग हेतु प्रोजेक्‍ट्स चलाये जा रहे हैं।

कोविड के प्रकोप के मद्देनजर, सरकार द्वार होटल्‍स और रेस्‍टॉरेंट्स से राज्‍य जीएसटी हिस्‍सेदारी की प्रतिपूर्ति की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, 22 लोगों से अधिक की क्षमता वाले यात्री वाहनों के लिए मोटर वाहन कर में छूट दी गयी है और बार लाइसेंस के रिन्‍यूअल में भी छूट दी गयी है।

सुरक्षित वातावरण में व्‍यवसाय संचालन सुनिश्चित करने हेतु, पर्यटन विभाग ने प्रदेश के होटल्‍स, रेस्‍टॉरेंट्स और फिल्‍म शूटिंग के लिए मानक परिचालन विधियां जारी की है। कोविड राहत और सुरक्षा उपायों के अलावा, पर्यटन विभाग, कौशल विकास, टूरिस्‍ट प्रोटेक्‍शन फोर्स की मजबूती, टूरिस्‍ट स्‍टार्ट-अप्‍स को प्रोत्‍साहन एवं अन्‍य अनुभवजन्‍य पर्यटन पहलों की दिशा में भी काम रहा है।